बुलाकी शर्मा / राजस्थान
सुणो! सुणो!! देस, परदेस, विदेस में रैवणियां करोड़ूं राजस्थानी बोलणियां सुणो! राजस्थान रै सगळा विश्वविद्यालयां में ‘शास्त्रीय मराठी भासा अध्ययन केंद्र’ री थरपणा रा आदेश जारी हुयग्या है। राजस्थान रा घणमानीता राज्यपाल महोदय आदरजोग हरिभाऊ बागड़ै जी महाराष्ट्र सरकार रै अभ्यावेदन माथै विचार करनैं ओ आदेश जारी करायो है। तुरता-फुरत पालना रिपोर्ट पेश करो। सुणो! सगळा सुणो!
कांई फरमायो, राजस्थानियां री मातभासा राजस्थानी है। राजस्थान रै सगळा विश्वविद्यालयां में ना राजस्थानी विभाग है, ना राजस्थानी अध्ययन केंद्र। मराठी हुवै कै कोई दूजी देसी-विदेसी भासा, सगळ्यां रो सनमान करां, पण पैला राजस्थानी नैं वाजबी सनमान मिलै, पैला मां रो, मात भासा रो सनमान फेर मासी रो…!
देखो सा, म्हैं खबरियो हूं। सरकार रो हुकुम आप तांई पूगतो करणो म्हारो काम। बा डिप्टी म्हैं बजाय दीवी है। अबै म्हैं ई म्हारै मन री बात आप साम्हीं राखूं। म्हारी बात कुनैन सूं ई खारी लागैला पण कैयां बिना रैवूं कोनी। म्हैं जै-जैकार करूं आपरी मातभासा मराठी सूं अणथाग हेत राखणिया आपणै राजस्थान रा मानीता राज्यपाल महोदय री। आप महाराष्ट्र रा है अर आपांरै राजस्थान रा विश्वविद्यालयां में ‘शास्त्रीय मराठी भासा अध्ययन केंद्र’ थरपण रा आदेश जारी कर दिया। आपरी मात भासा मराठी सूं हेत-प्रेम री मिसाल राखी है बां।
कांई फरमायो आप? आपांरी वीर भोम राजस्थान में जिका ‘मत-दान’ सारू राजस्थानी में अरज कर’र झोळी फैलावै अर जीत्यां पछै आपांरा माननीय बण’र राजस्थानी नैं संवैधानिक मान्यता, राज्य में दूजी राज भासा बणावण रै आश्वासनां री चूसणी बरसां सूं चुसाय रैया है अर अबै मराठी सूं पैला बां नैं राजस्थानी चेतै ई कोनी आई?
अरे भाई सा! आपांरा मराठी भासी राज्यपाल महोदय सूं ई आपांरा माननीय सीख कठै लेवै? राजस्थान में बां मराठी नैं मान दिरायो है पण आपांरा माननीय राजस्थानी सारू अबोला क्यूं? कैई दूजा राज्यां रा राज्यपाल महोदय ई राजस्थानी है, बे बठै राजस्थानी भासा रा केंद्र थरपण रा आदेश क्यूं कोनी जारी करै? आपांरा माननीय विधायकजी, सांसदजी है, लोकसभा अध्यक्षजी राजस्थानी, केंद्र में कैई मंत्रीजी राजस्थानी। डबल इंजन री सरकार है पण राजस्थानी भासा रो डिब्बो गाडी सूं जुड़्योड़ो ई कोनी। ड्राइवर साब सोच-समझ’र जोड़ै कोनी कै लापरवाही सूं रैयोड़ो है, रामजी जाणै कै अठै रा माननीयजी।
हां..हां.. राजस्थानी नैं लेय’र मून रैवणियां माननीयां रो मून तोड़ा’र पख में बोलावणा है। बां नैं माननीय बणावणियां आपां हां, बां नैं ओ साच चेतै करावणो है। जै राजस्थानी।
