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नाबालिगों को पांच घंटे थाने में रखने का आरोप मुंबई पुलिस को कानूनी नोटिस

-दादर आंदोलन के बाद आधी रात को छात्रों को संदेश और फोन कॉल

-नौ FIR की जानकारी छिपाने का भी दावा

सामना संवाददाता / मुंबई

दादर के चैत्यभूमि इलाके में २० जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान नाबालिगों को कथित रूप से पांच घंटे से अधिक हिरासत में रखने और महिलाओं को शाम छह बजे के बाद पुलिस थानों में बैठाए रखने का मामला तूल पकड़ गया है। इस कार्रवाई को लेकर शिवाजी पार्क और माहिम पुलिस समेत संबंधित पुलिस विभागों तथा महाराष्ट्र के गृह सचिव को कानूनी नोटिस भेजा गया है।
प्रदर्शनकारियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता सागर देवरे ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई से छात्रों में भारी भय और मानसिक तनाव है। कुछ विद्यार्थियों को रात तीन बजे व्हॉट्सऐप पर नोटिस भेजे गए और फोन कर थाने में उपस्थित होने को कहा गया। नोटिस भले ही दो विद्यार्थियों के नाम पर भेजा गया है, लेकिन इसमें हिरासत में लिए गए सभी छात्रों का मुद्दा उठाया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अब तक नौ इघ्R दर्ज हुई हैं और प्रत्येक इघ्R में दस या उससे अधिक लोगों को नामजद किया गया है। वकील का आरोप है कि नियमों के बावजूद इघ्R समय पर
ऑनलाइन अपलोड नहीं की गईं और कई आरोपियों को उनकी प्रतियां भी नहीं दी गईं। कानूनी नोटिस भेजे जाने के बाद ही इघ्R पोर्टल पर उपलब्ध कराई गईं।
नोटिस में इघ्R, हिरासत रजिस्टर, स्टेशन डायरी, पुलिस अधिकारियों के नाम, नाबालिगों और महिलाओं से जुड़े रिकॉर्ड तथा ण्ण्ऊन्न् और डिजिटल डेटा सुरक्षित रखने की मांग की गई है। पुलिस अधिकारियों की ओर से खबर प्रकाशित होने तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।
पुलिस कार्रवाई पर कानूनी शिकंजा
चैत्यभूमि छात्र प्रदर्शन में नाबालिगों और महिलाओं के साथ कथित नियमविरुद्ध कार्रवाई को लेकर पुलिस पर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिवक्ता ने पुलिस अधिकारियों और गृह विभाग को कानूनी नोटिस भेजकर इघ्R, हिरासत रिकॉर्ड, ण्ण्ऊन्न् फुटेज सुरक्षित रखने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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