अनिल मिश्र / पटना
बिहार के गया जिले के शेरघाटी थाना क्षेत्र के झौर गांव में बीते गुरुवार की देर रात चोर होने के शक में 15 वर्षीय किशोर की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। वहीं, गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही शेरघाटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल किशोर को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान झौर गांव निवासी पंकज उर्फ बंडा मांझी (15) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि वह अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। मां मुनिया देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस संबंध में मृतक की मां मुनिया देवी ने गांव के बालेश्वर यादव और उनके परिवार के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि देर रात उनके बेटे को पकड़कर उसके हाथ-पैर बांध दिए गए। इसके बाद उसे एक घर में बंद कर बेरहमी से पीटा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि लाठी-डंडों और अन्य वस्तुओं से लगातार मारपीट किए जाने के कारण पंकज की मौत हो गई। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, घटना के संबंध में गांव की महिला लाखो देवी, ब्रह्मदेव यादव सहित कई ग्रामीणों ने भी बताया कि देर रात लोगों की भीड़ पंकज को पकड़कर ले गई थी। हालांकि, घटना को लेकर गांव में अलग-अलग तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं।
मृतक की दादी ससीया देवी ने बताया कि रात करीब 12 बजे गांव के कई लोग उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए पंकज को खोजने लगे। जब वह मिला तो उसे पकड़कर अपने साथ ले गए। काफी देर तक परिवार के लोग उसके बारे में जानकारी जुटाते रहे, लेकिन सुबह पता चला कि उसकी मौत हो गई।
