मुख्यपृष्ठसमाचारगया में आईजी का पद बरकरार रखने की उठी मांग

गया में आईजी का पद बरकरार रखने की उठी मांग

अनिल मिश्र / पटना

धार्मिक, आध्यात्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मगध क्षेत्र के गया में आईजी का पद बरकरार रखने की मांग जोर पकड़ने लगी है। बोधगया की अंतरराष्ट्रीय पहचान और गया के विष्णुपद क्षेत्र की धार्मिक महत्ता को देखते हुए करीब सात वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में गया में डीआईजी का पद समाप्त कर आईजी का पद सृजित किया गया था। उस समय इस निर्णय का पूरे प्रक्षेत्र के सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों ने स्वागत किया था।
इस बीच वर्तमान आईजी विकास वैभव की कार्यशैली को लेकर भी आम लोगों में सकारात्मक धारणा बनी है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु शेखर ने कहा कि आईजी कार्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं और उन्हें अपनी बात रखने का अवसर मिलता है। इससे पुलिस और आमजन के बीच संवाद भी मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि गया में आईजी का पद समाप्त कर पुनः डीआईजी का पद स्थापित किए जाने की चर्चा से आम लोगों में निराशा है। पूरे मगध प्रमंडल सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने राष्ट्रपति, केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री से गया में आईजी का पद बरकरार रखने तथा विकास वैभव को आईजी के रूप में बनाए रखने का अनुरोध किया है।
हिमांशु शेखर ने कहा कि मगध की ऐतिहासिक एवं अंतरराष्ट्रीय महत्ता को देखते हुए यहां मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था आवश्यक है। सरकार को जनभावना और क्षेत्र की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आईजी का पद समाप्त करने के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।

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