अनिल मिश्र / पटना
किलकारी बिहार बाल भवन, गया में मुंशी प्रेमचंद जयंती पर साहित्य की सजीव प्रस्तुति, कथा-वाचन से बच्चों ने जाना लेखन का महत्व।किलकारी बिहार बाल भवन, गया में महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर भव्य साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को मुंशी प्रेमचंद के साहित्य, मानवीय मूल्यों एवं सामाजिक सरोकारों से परिचित कराना था।कार्यक्रम का शुभारंभ किलकारी परिसर में मूर्ति कला विद्या के बच्चों द्वारा तैयार मुंशी प्रेमचंद की मिट्टी से निर्मित प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात बाल उद्घोषिका अंबिका ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य से सभी को अवगत कराया। आरंभ में बच्चों ने मुंशी प्रेमचंद के जीवन एवं साहित्य पर आधारित एक प्रेरक डॉक्यूमेंट्री फिल्म देखी, जिसके माध्यम से उन्हें उनके व्यक्तित्व, संघर्ष और साहित्यिक योगदान की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।इसके उपरांत किलकारी की नाटक विधा के बच्चों ने ‘किस्सागोई’ शैली में मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘बड़े भाई साहब’ का प्रभावशाली कथा-वाचन प्रस्तुत किया। बच्चों की सशक्त प्रस्तुति ने उपस्थित सभी श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया और कहानी के माध्यम से शिक्षा, अनुशासन एवं भाईचारे का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में किलकारी बिहार बाल भवन, गया के प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक श्री राजीव रंजन श्रीवास्तव ने मुंशी प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘मंत्र’ का भावपूर्ण वाचन किया। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति ने बच्चों को साहित्य की संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों से गहराई से जोड़ने का कार्य किया।कार्यक्रम के समापन सत्र में पुस्तकालय प्रभारी चंदन मुखर्जी ने मुंशी प्रेमचंद को समर्पित अपनी स्वयं रचित कविता का पाठ किया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने सराहा।अंत में सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी आकाश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अपने संबोधन में कहा कि “मुंशी प्रेमचंद का साहित्य आज भी समाज को मानवीयता, संवेदना, समानता और नैतिक मूल्यों का संदेश देता है। ऐसे आयोजन बच्चों में साहित्य पढ़ने की रुचि विकसित करने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक बनाते हैं। “किलकारी अब हर महीने में ऐसे आयोजन करेगी जिसमें किसी बड़े साहित्यकार, लेखक, कवि की कहानी/ कविताओं का वाचन करेगी। किलकारी का प्रयास है कि बच्चे केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित न रहें, बल्कि श्रेष्ठ साहित्य से जुड़कर संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनें।इस अवसर पर सहायक लेखा पदाधिकारी गुड़िया कुमारी, प्रमंडल संसाधन सेवी सोनम कुमारी, किलकारी के सभी प्रशिक्षक एवं बच्चे उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में नृत्य प्रशिक्षक गौतम कुमार गोलू, कंप्यूटर प्रशिक्षिका निशि खान तथा नाटक प्रशिक्षक नंदकिशोर कुमार का विशेष सहयोग रहा। पूरे आयोजन ने बच्चों के बीच साहित्य के प्रति नई रुचि जगाने के साथ-साथ मुंशी प्रेमचंद के विचारों और रचनाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
