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इश्क, साजिश और कत्ल: प्रयागराज में रीलबाज युवक ने ममेरे भाई को उतारा मौत के घाट, पहचान मिटाने के लिए लाश फूंकी

राजेश सरकार / प्रयागराज

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के सोरांव थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एकतरफा प्यार के जुनून में एक रीलबाज युवक ने अपने ही ममेरे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने न सिर्फ अपने भाई की जान ली, बल्कि उसकी पहचान मिटाने के लिए शव पर पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। इसके बाद शातिर अपराधी ने मृतक के मोबाइल से उसके परिजनों को इंस्टाग्राम पर संदेश भेजकर 50 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी, ताकि सभी को लगे कि युवक जीवित है और उसका अपहरण हुआ है।
सैलून जाने के लिए निकला था सुमित
भदरी गांव निवासी शिव प्रसाद का बेटा सुमित स्नातक का छात्र था। सुमित सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय था और उसके इंस्टाग्राम पर करीब 48 हजार फॉलोअर्स थे। बीते 23 जुलाई की सुबह सुमित अपने घर से बाल कटवाने के लिए सैलून जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद जब उसका कहीं पता नहीं चला तो परेशान परिजनों ने 25 जुलाई को सोरांव थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
फिरौती की कॉल से खुला राज
मामले में मोड़ तब आया, जब 29 जुलाई को सुमित के ही मोबाइल फोन से उसके पिता शिव प्रसाद के पास एक कॉल आई। फोन करने वाले ने दावा किया कि सुमित का अपहरण कर लिया गया है और उसकी सुरक्षित रिहाई के बदले 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सुमित का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा दिया।
फूफा का बेटा ही निकला कातिल
मोबाइल नंबर ट्रेस करने के बाद पुलिस ने जगदीशपुर कसारी निवासी सुमित के फूफा राजीव के 22 वर्षीय बेटे शिवम राय को हिरासत में लिया। पुलिस ने जब शिवम से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने जो सच उगला, उसे सुनकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
शिवम की निशानदेही पर 30 जुलाई (गुरुवार) को गंगा कछार की झाड़ियों से सुमित का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया, जो अब केवल कंकाल (सिर, पैर और हाथ की हड्डियां) मात्र रह गया था। कपड़ों और अन्य सामानों के आधार पर पिता ने अपने बेटे के शव की शिनाख्त की।
गंगा किनारे ले जाकर हथौड़े से किया वार
पुलिस पूछताछ में हत्यारोपी शिवम राय ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि सुमित एक लड़की से प्रेम करता था और वह खुद भी उसी लड़की को चाहता था। शिवम ने सुमित पर लड़की को छोड़ने का दबाव बनाया, लेकिन सुमित इसके लिए तैयार नहीं हुआ। इसी वजह से शिवम ने उसे रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।
23 जुलाई को वह सुमित से मिला और मीठी-मीठी बातें कर उसे बहला-फुसलाकर गंगा किनारे रेलवे लाइन के पास ले गया। वहां शिवम ने सुमित को अपने मोबाइल में फोटो-वीडियो दिखाने के बहाने उलझा दिया। जैसे ही सुमित मोबाइल देखने में व्यस्त हुआ, शिवम ने अपने झोले से हथौड़ा निकाला और उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी।
पहचान छिपाने के लिए उसने शव पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और बाद में परिजनों को गुमराह करने के लिए इंस्टाग्राम और कॉल के जरिए फिरौती का नाटक रचा। पुलिस ने इस मामले में हत्या, जबरन वसूली और साक्ष्य मिटाने समेत अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है।
डिजिटल सुराग मिटाने के लिए की नकदी की व्यवस्था
शिवम राय ने पुलिस और परिजनों को भटकाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने न सिर्फ मृतक के मोबाइल का इस्तेमाल किया, बल्कि खुद को पुलिस की निगाह से बचाने के लिए डिजिटल साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की। हालांकि, सर्विलांस और एसओजी की मुस्तैदी के आगे उसकी चालाकी धरी रह गई।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हत्या के अगले दिन यानी 24 जुलाई को वह सिविल लाइंस स्थित पत्रिका चौराहे के पास पहुंचा। वहां सड़क किनारे सिम बेचने वाले एक व्यक्ति से मुलाकात की। आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने और नकद रुपये हासिल करने के लिए उसे यूपीआई के जरिए 1000 रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया और बदले में 900 रुपये नकद ले लिए। इस नकदी लेन-देन का मकसद पुलिस की ट्रैकिंग से बचना था।
मोबाइल तोड़कर झाड़ियों में फेंका
नकदी का इंतजाम करने के बाद शिवम एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के कटहुला गौसपुर इलाके में पहुंचा। वहां उसने सुमित के मोबाइल फोन से सिम कार्ड निकाल लिया। इसके बाद मोबाइल को पूरी तरह तोड़कर सबूत मिटाने की नीयत से झाड़ियों में फेंक दिया और चुपचाप अपने घर लौट आया।
चाची के मोबाइल से रची फिरौती की नई साजिश
घर लौटने के बाद शिवम ने सुमित के परिवार को यह विश्वास दिलाने की साजिश रची कि सुमित अभी जिंदा है और सुरक्षित है। इसके लिए उसने अपनी चाची के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। उसने चाची के फोन में वाई-फाई कनेक्ट कर इंस्टाग्राम पर नई फर्जी आईडी बनाई।
इसी आईडी से उसने सुमित के भाई को संदेश भेजे और अपहरण का नाटक करते हुए 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। शातिर कातिल ने पैसे ट्रांसफर करने के लिए एक यूपीआई आईडी भी भेजी। सुमित की सलामती की चिंता में डूबे परिवार वाले आरोपी के झांसे में आ गए और उन्होंने दो किस्तों में 5,000 और 2,000 रुपये (कुल 7,000 रुपये) उस यूपीआई आईडी पर ट्रांसफर कर दिए।
एसओजी और सर्विलांस टीम ने घेराबंदी कर दबोचा
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस ने तकनीकी जाल बिछाया। एसीपी सोरांव के नेतृत्व में थाना सोरांव पुलिस, एसओजी और गंगानगर की सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने तेजी से कार्रवाई की।
पुलिस ने 31 जुलाई को सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी करते हुए आरोपी शिवम राय को नवाबगंज थाना क्षेत्र के दुबरा जगदीशपुर के पास से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पूरे खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया।

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