शीतल अवस्थी
धर्म ग्रंथों के अनुसार, सावन में यदि भगवान शंकर की पूजा विधि-विधान से की जाए तो हर मनोकामना जल्दी ही पूरी हो जाती है। ज्योतिषियों की मानें तो इस महीने में राशि अनुसार भगवान शिव की पूजा विशेष फलदाई है। आप भी भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए अपनी राशि के अनुसार उपाय कर सकते हैं।
मेष- सावन में किसी भी दिन पानी में गुड़ मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। यदि ये न कर पाएं तो जल में कुंकुम मिलाकर भी शिव का अभिषेक कर सकते हैं। शिव पंचाक्षर मंत्र का जप करें।
वृष- दही से भगवान शिव का अभिषेक शुभ फल देगा। इससे धन संबंधी समस्या का निदान होता है। साथ ही भगवान शिव की स्तुति करें व बिल्व पत्र भी चढ़ाएं तो और जल्दी फल प्राप्त होगा।
मिथुन- गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक सावन के किसी भी दिन करें तो जल्दी ही हर मनोकामना पूरी हो जाएगी। भगवान शिव को धतूरा भी चढ़ाएं।
कर्क- शक्कर मिला हुआ दूध भगवान शिव को चढ़ाएं। साथ ही आंकड़े के फूल भी अर्पित करें।
सिंह- लाल चंदन के जल से शिवजी का अभिषेक करें तथा शिव अमृतवाणी सुनें। इससे हर मनोकामना पूरी होगी।
कन्या- भांग मिश्रित जल से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। ये उपाय करने से यदि कोई रोग होगा तो वह समाप्त हो जाएगा।
तुला- भगवान शिव का गाय के घी में इत्र मिलाकर अभिषेक करें। साथ ही केसर मिश्रित मिठाई का भोग भी लगाएं। इससे जीवन में सुख-समृद्धि आएगी।
वृश्चिक- शहद मिश्रित जल से भगवान शिव का अभिषेक शीघ्र फल देने वाला माना जाता है। शहद न हो तो शक्कर का उपयोग भी कर सकते हैं।
धनु- दूध में केसर मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। साथ ही शिव पंचाक्षर स्त्रोत का पाठ भी करना चाहिए।
मकर- तिल्ली के तेल से भगवान शिव का अभिषेक करें तो हर काम में सफलता मिलेगी। भगवान शिव को बिल्व पत्र भी चढ़ाएं।
कुंभ- नारियल के पानी या सरसों के तेल से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। इससे धन लाभ होगा।
मीन- सावन में किसी भी दिन पानी में केसर मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। ये उपाय करने से धन संबंधी सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी।
