मुख्यपृष्ठटॉप समाचारउद्धव ठाकरे का दृढ़ मत...मोदी, शाह इस्तीफा दें!

उद्धव ठाकरे का दृढ़ मत…मोदी, शाह इस्तीफा दें!

सामना संवाददाता / मुंबई

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली में आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किए जाने और पुलिस कार्रवाई को लेकर शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठियों में कीलें लगाकर और छर्रों वाली बंदूकों से अमानवीय हमला किया गया। पुरुष पुलिसकर्मियों ने छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया।
उन्होंने कहा कि छात्रों की यह स्थिति मोदी-शाह सरकार के कारण हुई है। इसलिए इन बच्चों को माफी मांगने की जरूरत नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इन छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए मोदी और शाह को इस्तीफा देना चाहिए।
शिवसेना भवन में जिलाप्रमुखों की बैठक को संबोधित करने के बाद उद्धव ठाकरे ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी छात्रों को माफ करने की बात करने से पहले ‘नीट’ पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों और उनके परिवारों से प्रधानमंत्री मोदी को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पुलिस ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई इतनी गंभीर थी कि उसके बारे में बोलने में भी शर्म आती है। उन्होंने कहा कि यह बहस करने के बजाय कि कौन-सी भाषा उचित है और कौन-सी अनुचित, यह देखना चाहिए कि इस तरह की भाषा की शुरुआत किसने की। उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि इसकी शुरुआत ‘नमो रोगियों’ ने की है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा और ट्रोलिंग पिछले कई वर्षों से जारी है। मुंबई में प्रिया अहीर नाम की एक युवती ने आंदोलनकारी छात्रों को ले जा रही पुलिस की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया था। इसके बाद उसे भी ट्रोल किया गया।
ये बच्चे आपको कभी माफ नहीं करेंगे!
उद्धव ठाकरे ने कहा कि पहले छात्रों को ‘कॉकरोच’ कहा गया और अब उन्हें ‘भटके हुए’ बताया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या ये बच्चे आपको कभी माफ करेंगे?
उन्होंने कहा कि जो काम अब किया जा रहा है, वह पहले ही दिन छात्रों से बातचीत करके किया जा सकता था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार के पास आतंकवादियों से बातचीत करने का समय है, तो आंदोलनकारी छात्रों से बात करने का समय क्यों नहीं है? उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकमान्य तिलक को ‘असंतोष का जनक’ कहा जाता था, लेकिन आज मोदी और शाह अपनी ही सरकार के खिलाफ पैदा हो रहे असंतोष के जनक बन गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी ही सरकार के खिलाफ असंतोष को बढ़ावा दिया है।
धनुष-बाण चुनाव चिह्न हमें मिलेगा या हमेशा के लिए फ्रीज हो जाएगा!
उद्धव ठाकरे ने विश्वास व्यक्त किया कि चुनाव चिह्न के मामले में अदालत का अंतिम फैसला उनके पक्ष में आएगा और पार्टी का मूल चुनाव चिह्न उन्हें वापस मिलेगा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो चुनाव चिह्न हमेशा के लिए प्रâीज हो जाएगा, लेकिन उनके विरोधियों को भी नहीं मिलेगा।

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