सामना संवाददाता / मुंबई
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह निश्चित रूप से अनुचित था। किसी के बारे में भी निम्न स्तर की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, यह बात मैं सौ प्रतिशत मानता हूं। लेकिन इसकी शुरुआत पिछले १२ वर्षों में भाजपा की ट्रोल आर्मी ने ही की है। नरेंद्र मोदी से मेरा कहना है कि यह मत भूलिए कि दूसरों की भी मां होती हैं। इसलिए आपकी पार्टी के लोगों को भी मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। इन शब्दों में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला।
भाजपा की ट्रोल आर्मी ने ही की है अपशब्दों की शुरुआत
महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना के स्थापना दिवस समारोह का आयोजन मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे और मनविसे अध्यक्ष अमित ठाकरे की प्रमुख उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार रात इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो का संदर्भ देते हुए भाजपा की ट्रोलिंग संस्कृति पर निशाना साधा।
राज ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि उन्हें गालियां दी गर्इं और उनकी मां के बारे में आपत्तिजनक बातें की गर्इं, जो गलत है। उन्होंने कहा कि किसी के भी बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन प्रधानमंत्री को यही बात अपनी पार्टी के लोगों से भी कहनी चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि महात्मा गांधी से लेकर जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और आज तक के तमाम नेताओं के बारे में भाजपा की ट्रोल टीम किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करती रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हर राज्य में ट्रोल टीम तैनात कर रखी है, जो लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां करती है।
राज ठाकरे ने कहा कि आज प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि उन्होंने उन सभी छात्रों को माफ कर दिया है, लेकिन पिछले १२ वर्षों में भाजपा के लोगों ने जो कुछ किया, उसकी माफी कौन मांगेगा? उन्होंने सवाल उठाया कि जंतर-मंतर पर बैठे छात्रों और युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया, उनके सिर फोड़े गए और उन पर लाठियां बरसाई गर्इं। उस कार्रवाई का आदेश देने वाले लोग माफी कब मांगेंगे? इस सवाल के जरिए राज ठाकरे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा।
राज ठाकरे ने प्रभादेवी स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर की दानपेटी से हर साल करीब १८ करोड़ रुपये की कथित चोरी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल कुछ कर्मचारियों को पकड़ा गया है और आरोप है कि इसकी जड़ें इससे भी ऊपर तक पहुंची हुई हैं।
