राजेश सरकार / प्रयागराज
आठ अगस्त को प्रस्तावित, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम से पहले प्रयागराज में कांग्रेस ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ तीखा राजनीतिक हमला बोला। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया कि आरएसएस की विचारधारा देश के वंचित, गरीब और पिछड़े वर्ग को शिक्षा और अवसरों से दूर रखने की रही है, जबकि केंद्र सरकार देश के संसाधनों और सरकारी संस्थानों को चंद पूंजीपतियों के हवाले करने में जुटी है।
रविवार को फायर ब्रिगेड चैराहे के पास स्थित शंकर मेमोरियल हॉल में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में गौतम ने कहा कि ष्आरएसएस के ’बंच ऑफ थॉट्स’ का एजेंडा जनता, खासकर वंचित वर्ग को अनपढ़ और गरीब बनाए रखना है, ताकि सत्ता से सवाल करने की ताकत ही खत्म हो जाए।’ उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार इसी विचारधारा पर काम कर रही है और आज छात्र तथा आम जनता इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं।
गौतम ने स्वतंत्रता आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश की जनता अंग्रेजों के खिलाफ जेलों में यातनाएं झेल रही थी, तब संघ और हिंदू महासभा जैसे संगठन किस पक्ष में खड़े थे, यह इतिहास में दर्ज है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास त्याग और बलिदान का रहा है, जबकि आज सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों और सरकारी संपत्तियों का निजीकरण कर रही है।
उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के बाद देश में मजबूत सार्वजनिक उपक्रमों और सस्ती शिक्षा की व्यवस्था इसलिए बनाई गई थी ताकि गरीब परिवारों के बच्चे भी डॉक्टर, इंजीनियर और आईएएस बन सकें। लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण उच्च शिक्षा आम परिवारों की पहुंच से बाहर होती जा रही है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय सहित कई शिक्षण संस्थानों में बढ़ती फीस, हॉस्टल और किताबों के खर्च को गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ने वाला बताया।
बैठक में मौजूद इलाहाबाद सांसद उज्जवल रमण सिंह ने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए कहा कि 8 अगस्त का छात्र संवाद केवल प्रयागराज ही नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति को नया संदेश देगा। उन्होंने दावा किया कि प्रयागराज के छात्रों की आवाज सत्ता की नींव तक हिला सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक छात्रों को कार्यक्रम से जोड़ें और इसे जनआंदोलन का स्वरूप दें।
बैठक के अंत में नेताओं ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम का केंद्र केवल छात्रों की समस्याएं, शिक्षा, रोजगार और भविष्य होना चाहिए। कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे पारंपरिक राजनीतिक नारों से बचें और कार्यक्रम को पूरी तरह छात्र-केंद्रित बनाए रखें।
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सांसद उज्जवल रमण सिंह की मौजूदगी में हुई इस बैठक ने साफ संकेत दिया कि कांग्रेस आगामी राजनीतिक संघर्ष में शिक्षा, बेरोजगारी और छात्र मुद्दों को केंद्र में रखकर सरकार पर हमले की रणनीति को धार देने में जुट गई है।
