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क्लस्टर नीति पर महायुति में महाभारत!

-गणेश नाईक का शिंदे सरकार पर सीधा हमला
-बोले-यूडीसीपीआर से नई मुंबई को बर्बाद करने की साजिश

सामना संवाददाता / नई मुंबई

महायुति सरकार के भीतर क्लस्टर पुनर्विकास नीति को लेकर खुली बगावत सामने आ गई है। वन मंत्री गणेश नाईक ने उप मुख्यमंत्री एवं नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे की महत्वाकांक्षी क्लस्टर नीति पर सीधा हमला बोलते हुए यूडीसीपीआर और बढ़े हुए एफएसआई को नई मुंबई के लिए ‘विनाश का फरमान’ करार दिया। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि यही नीति लागू रही तो नई मुंबई में जीने लायक कुछ भी नहीं बचेगा।
शनिवार को वाशी में आयोजित कार्यक्रम में नाईक ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा, ‘ठाणे-बेलापुर रोड पर रोज लगने वाला जाम दिखाई नहीं देता क्या? वाशी की सड़कें पहले ही दम तोड़ चुकी हैं। ऐसे में पूरे शहर को अतिरिक्त एफएसआई देना जनता को ट्रैफिक, अव्यवस्था और तबाही की आग में झोंकने जैसा होगा।’ उन्होंने आक्रामक तेवर अपनाते हुए राजनीतिक विरोधियों को भी खुली चेतावनी दी। नाईक ने दो टूक कहा, ‘जो गणेश नाईक से टकराएगा, उसे उसकी जगह दिखा दूंगा।’ उनके इस बयान ने महायुति की अंदरूनी खींचतान को सार्वजनिक मंच पर ला दिया।
नाईक ने आरोप लगाया कि क्लस्टर पुनर्विकास के नाम पर उन इमारतों को भी योजना में घसीटा जा रहा है, जो न तो ३० वर्ष पुरानी हैं, न जर्जर हैं और न ही खतरनाक घोषित की गई हैं। उन्होंने कहा, ‘बहाने ढूंढ़कर क्लस्टर का जाल बिछाया जा रहा है। मैंने मंत्रिमंडल की बैठक में इसका विरोध किया था। विधानसभा में भी पूछा था कि आखिर यह यूडीसीपीआर किस महाशय की देन है?’
वन मंत्री ने चेताया कि बिना सड़क, पार्किंग, जलापूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किए अंधाधुंध एफएसआई बढ़ाना नई मुंबई की योजनाबद्ध पहचान को मिटा देगा। उन्होंने कहा, ‘आज हालात इतने खराब हैं, तो आगे नई मुंबई रहने लायक भी नहीं बचेगी। इसे लिखकर रख लीजिए।’ महायुति सरकार की सबसे अहम मानी जाने वाली क्लस्टर नीति पर सरकार के ही वरिष्ठ मंत्री द्वारा खुले मंच से सवाल उठाए जाने के बाद सत्ता के भीतर दरार अब खुलकर सामने आ गई है। यूडीसीपीआर और अतिरिक्त एफएसआई को लेकर शुरू हुई यह जंग अब केवल पुनर्विकास तक सीमित नहीं रही, बल्कि महायुति की अंदरूनी राजनीति में नए टकराव का संकेत बन गई है। आने वाले दिनों में यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन सकता है।
क्लस्टर पुनर्विकास पर सियासत तेज
घणसोली की सिंप्लेक्स हाउसिंग सोसायटी के क्लस्टर पुनर्विकास की प्रक्रिया तेज होने के बीच गणेश नाईक का बयान नया राजनीतिक विवाद बन गया है। परियोजना की पुनरुद्धार योजना अधिसूचित हो चुकी है और सुझाव-आपत्तियां मांगी जा रही हैं। ऐसे समय में नाईक का हमला सीधे नगर विकास विभाग और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पुनर्विकास नीति पर सवाल खड़ा करने वाला माना जा रहा है।

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