मुख्यपृष्ठनए समाचारपुलिस चौकी में ही गुंडों ने फरियादियों को लाठियों से पीटा!

पुलिस चौकी में ही गुंडों ने फरियादियों को लाठियों से पीटा!

 राजेश सरकार / प्रयागराज

मुस्तैद पुलिस और सुरक्षित जनता के बड़े-बड़े दावों की हवा उस वक्त निकल गई, जब नैनी की एडीए पुलिस चौकी गुंडों का अखाड़ा बन गई। न्याय की आस में चौकी पहुंचे पीड़ितों को कानून के रखवालों के सामने ही बेरहमी से पीटा गया। हैरान करने वाली बात यह रही कि हमलावरों ने किसी और हथियार से नहीं, बल्कि पुलिस की ही लाठियों से फरियादियों को लहूलुहान कर दिया। इस दौरान ‘मजबूत’ पुलिस मूकदर्शक बनी रही और चौकी में करीब 15 मिनट तक तांडव चलता रहा।
बाइक टकराने से भड़की चिंगारी
शनिवार शाम करीब 7:30 बजे नैनी की अवंतिका कॉलोनी के पाठक मार्केट के पास दो बाइकों में मामूली टक्कर हुई थी। देखते ही देखते यह मामूली बात खूनी संघर्ष में बदल गई। मौके पर पहुंची पुलिस आनन-फानन में तीन लोगों को पकड़कर थाने ले गई। इसके बाद एक पक्ष के लोग अपनी शिकायत दर्ज कराने एडीए पुलिस चौकी पहुंचे।
चौकी के अंदर ‘तालिबानी’ न्याय!
जब पीड़ित चौकी पहुंचे, तो वहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। वे खड़े होकर इंतजार ही कर रहे थे कि अचानक दर्जनों दबंगों ने चौकी पर धावा बोल दिया। जान बचाने के लिए पीड़ित चौकी के भीतर भागे। लेकिन हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने चौकी के अंदर घुसकर वहां रखी पुलिस की लाठियां उठा लीं। इसके बाद शुरू हुआ लाठियों का खूनी खेल। 15 मिनट तक गुंडे फरियादियों को पीटते रहे, चिल्लाहट गूंजती रही, लेकिन खाकी का एक भी मददगार वहां नजर नहीं आया।
थाने में देर रात तक चली ‘पंचायत’
वारदात को अंजाम देकर हमलावर आसानी से फरार हो गए। इसके बाद दूसरे पक्ष के भारी संख्या में लोग नैनी थाने पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी चल रही थी कि तभी कुछ ‘सफेदपोश’ और रसूखदार लोग मामले को रफा-दफा करने के लिए थाने पहुंच गए। देर रात तक थाने के भीतर ही पंचायत चलती रही और कानून तमाशा देखता रहा।
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
“मामले की तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”— ब्रिज किशोर गौतम

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