सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई की बेशकीमती खुली जमीन और सार्वजनिक मैदानों को अपने समर्थकों की झोली में डालने को लेकर शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र की महायुति सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला है। आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा को मुंबई की महत्वपूर्ण खुली जमीनों पर कब्जा कर उन्हें अपने करीबी लोगों और पार्टी से जुड़े लोगों के हवाले करने का ‘जबरदस्त जुनून’ सवार हो गया है।
सार्वजनिक जमीनों को हथियाना भाजपा की प्राथमिकता
शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि भाजपा का कथित तौर पर एक ही फॉर्मूला बन गया है। मुंबई में कोई खुला भूखंड दिखाई दे तो उसे कब्जे में लो और फिर अपनों की झोली में डाल दो। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई में चुनाव लड़ने के पीछे भाजपा की प्राथमिकता शहर की सार्वजनिक जमीनों पर नियंत्रण हासिल करना है।
आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि एक कन्वेंशन सेंटर के लिए मुंबई के एकमात्र कृत्रिम फुटबॉल मैदान को कथित तौर पर कब्जे में लिया गया और उसका नाम भाजपा के एक नेता के नाम पर रखा गया। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग १६ एकड़ जमीन भी भाजपा से जुड़े एक अन्य व्यक्ति को देने की प्रक्रिया की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इन जमीनों में एक क्रिकेट मैदान भी शामिल है, जिसे उनके कार्यकाल के दौरान मुंबई के नागरिकों के लिए तैयार किया गया था। इसके अलावा म्हाडा के दो भूखंडों को भी कथित तौर पर मुफ्त में दिए जाने की बात उन्होंने कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीति का उद्देश्य मुंबई की जनता का नुकसान और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों का फायदा करना है।
