-अजिंक्य रहाणे का छलका दर्द
नई दिल्ली। अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अपने करियर का एक ऐसा किस्सा साझा किया है, जिसने फैंस को भी हैरान कर दिया। रहाणे ने खुलासा किया कि टेस्ट डेब्यू से पहले उन्हें पूरे २० मैचों तक १२वें खिलाड़ी के रूप में इंतजार करना पड़ा। उन्होंने बताया कि उस दौर में उनका काम मैदान पर खिलाड़ियों को पानी पहुंचाना और टीम की मदद करना था। रहाणे के मुताबिक, वह समय आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय खुद को बेहतर बनाने पर फोकस किया। उन्होंने कहा कि उनके पास दो रास्ते थे-सहानुभूति बटोरना या अपनी कमजोरियों पर काम करना। रहाणे ने दूसरा रास्ता चुना और उसी का नतीजा रहा कि वह टीम इंडिया के भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हुए। उनके इस खुलासे के बाद फैंस सोशल मीडिया पर उनकी मेहनत, धैर्य और संघर्ष की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
