अनिल मिश्र / रांची
झारखंड प्रदेश में जेपीएससी और जेएसएससी में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के खिलाफ रांची सहित पूरे झारखंड प्रदेश में चल रहा छात्र आंदोलन लगातार जारी है। इस आंदोलन में छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो देशभर में एक प्रमुख आंदोलनकारी चेहरे के रूप में सामने आए हैं। वे वर्तमान में रांची स्थित सदर अस्पताल में प्रशासन की कड़ी निगरानी के बीच उपचाररत हैं। इस बीच सदर अस्पताल में भर्ती देवेन्द्र नाथ महतो से मिलने के लिए दिनभर बड़ी संख्या में समर्थक एवं शुभचिंतक पहुंचते रहे हैं, हालांकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं चिकित्सकीय कारणों का हवाला देते हुए सभी लोगों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
वहीं, चिकित्सकों के अनुसार, भूख हड़ताल के कारण उनका शरीर काफी कमजोर हो गया है। फिलहाल आवश्यक चिकित्सकीय जांच की जा रही है। सभी जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही उनके आगे के उपचार एवं चिकित्सकीय प्रबंधन के संबंध में स्पष्ट निर्णय लिया जाएगा।
इधर, जेपीएससी-जेएसएससी में कथित अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे ‘जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान’ के तहत आंदोलनकारी छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आज 10वें दिन भी सदर अस्पताल में जारी रही। भूख हड़ताल के 9वें दिन विधानसभा घेराव के दौरान देर शाम पुलिस द्वारा लाठीचार्ज एवं धक्का-मुक्की किए जाने के बाद उन्हें एम्बुलेंस के माध्यम से सदर अस्पताल, रांची में भर्ती कराया गया। चिकित्सकीय निगरानी में उपचाररत होने के बावजूद उन्होंने अस्पताल से ही अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है।
सदर अस्पताल से ‘संघर्ष और संकल्प’ के नाम से जारी अपने खुले पत्र में देवेन्द्र नाथ महतो ने पुलिस लाठीचार्ज एवं बल प्रयोग की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे छात्रों एवं आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है।
उन्होंने झारखंड सरकार से मांग की है कि विधानसभा घेराव के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी स्तर पर अनावश्यक बल प्रयोग हुआ है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई की जाए।
देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि मेरा शरीर अस्पताल में उपचाराधीन है, लेकिन न्याय के लिए संघर्ष और संकल्प अडिग है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि झारखंडी छात्रों के संपूर्ण न्याय तक मेरी भूख हड़ताल जारी रहेगी।
साथ ही, उन्होंने छात्र-युवा साथियों से संयम, एकजुटता एवं शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि झारखंड के छात्र-युवाओं के न्याय, सम्मान, पारदर्शिता एवं निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था के अधिकार के लिए है।
उन्होंने यह भी कहा कि लाठीचार्ज और बल प्रयोग से छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। आंदोलन संविधान एवं लोकतंत्र के दायरे में शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
