मुख्यपृष्ठसमाचार69000 शिक्षक भर्ती मामले में फैसला जल्द होना चाहिए- सुप्रीम कोर्ट

69000 शिक्षक भर्ती मामले में फैसला जल्द होना चाहिए- सुप्रीम कोर्ट

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

69000 शिक्षक भर्ती मामले में हुई कथित अनियमितता पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभ्यर्थियों के भविष्य पर फैसला जल्द होना चाहिए। इसे लंबे समय तक नहीं लटकाया जा सकता। जस्टिस एवीएन भट्टी और जस्टिस एनवी अंजरिया की पीठ ने कहा कि अभ्यर्थी लंबे समय से दुविधा की स्थिति में हैं। उनके भविष्य को लंबे समय तक अधर में नहीं रखा जा सकता। पीठ ने कहा कि मामला चाहे इधर वालों के पक्ष में हो या दूसरे पक्ष के, लेकिन इस पर फैसला जल्द होना चाहिए। यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 8 सितंबर से लगातार तीन दिन करने का निर्णय लिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के वकील से कहा है कि वह इस मामले को लेकर समूह तैयार करें। इस मामले से जुड़े आवेदनकर्ताओं, वादी और प्रतिवादियों की श्रेणियां कौन-कौन सी हैं, उनकी क्या आपत्तियां हैं या उनके आवेदनों में क्या मांगें हैं आदि। सरकारी वकील एक सूची तैयार करें, जिसमें यह निश्चित हो कि किन-किन पक्षकारों को किन-किन मसलों पर सुना जाना है। सरकारी वकील से दो सप्ताह के भीतर इस बारे में अदालत को अपना खाका प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि सभी पक्षों को अपनी बातें रखने का मौका मिलेगा। बता दें कि पहले इस मामले की सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही थी, लेकिन पिछली सुनवाई से पीठ बदल गई है और अब नई पीठ इस पर सुनवाई कर रही है। नई पीठ इस मुद्दे से जुड़े तमाम पहलुओं को समझने के लिए यह वक्त लिया है।

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