सामना संवाददाता / मथुरा
उत्तर प्रदेश में जिला मान्यता प्राप्त पत्रकारों की दोबारा एलआईयू जांच नहीं कराई जाएगी। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक विशाल सिंह ने उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के साथ हुई समन्वय बैठक में संबंधित आदेश निरस्त करने के निर्देश दिए।
सूचना निदेशालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में समिति अध्यक्ष हेमंत तिवारी के नेतृत्व में पत्रकारों की लंबित समस्याओं और मांगों पर चर्चा हुई। ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. कमल कांत उपमन्यु एडवोकेट ने भी एलआईयू जांच के मुद्दे पर समिति को विरोध पत्र सौंपा था। कई जिलों से भी इस संबंध में शिकायतें मिली थीं।
बैठक में समिति सचिव भारत सिंह ने पत्रकार हितों से जुड़ी मांगें रखीं। इनमें 58 वर्ष की आयु से पेंशन, पत्रकारों के लिए आवास एवं प्लॉट, वरिष्ठ एवं स्वतंत्र पत्रकार की श्रेणी में स्वतः मान्यता, मान्यता समिति का गठन, आयुष्मान एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड, एसजीपीजीआई में चिकित्सा सुविधा तथा सहायता राशि 25 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये करने की मांग शामिल रही।
हेमंत तिवारी ने कहा कि पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सम्मान से जुड़ी मांगों का समयबद्ध समाधान जरूरी है। बैठक में अपर निदेशक अरविंद कुमार मिश्रा सहित विभागीय अधिकारी और समिति पदाधिकारी मौजूद रहे।
