सुनील ओसवाल / मुंबई
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ नागपुर से भाजपा के लिए चौंकाने वाली खबर सामने आई है। फडणवीस के सरकारी कार्यक्रम से भाजपा के करीब ४० पार्षदों की सामूहिक गैरहाजिरी ने पार्टी संगठन में जबरदस्त हड़कंप मचा दिया है। मामला इतना गंभीर माना जा रहा है कि अब इन सभी पार्षदों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
रविवार को सुरेश भट सभागार में दिव्यांग सहायता सामग्री वितरण शिविर का समापन मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों हुआ। कार्यक्रम में भाजपा के ११० पार्षदों की उपस्थिति अनिवार्य मानी जा रही थी, लेकिन उनमें से लगभग ४० पार्षद कार्यक्रम से गायब रहे। पार्टी नेतृत्व ने इसे सीधे-सीधे अनुशासनहीनता माना है और अनुपस्थित पार्षदों की सूची तैयार कर ली है। नगर निगम में भाजपा के सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जिन पार्षदों ने पूर्व सूचना और संगठन के आग्रह के बावजूद कार्यक्रम में भाग नहीं लिया, उन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। भाजपा के भीतर इसे महज अनुपस्थिति नहीं, बल्कि संगठित असंतोष का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में उनके कार्यक्रम से इतनी बड़ी संख्या में पार्षदों का दूर रहना आंतरिक बगावत, गुटबाजी और नेतृत्व से नाराजगी की ओर इशारा कर सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भाजपा केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता निभाएगी या फिर इन पार्षदों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
उधर, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिव्यांगजनों के लिए राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया।
