-३०० छात्राओं ने छोड़ा हॉस्टल!
-महायुति सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
सामना संवाददाता / मुंबई
महायुति सरकार के राज में सरकारी आश्रमशाला में भूत होने की खबर से प्रदेश में हड़कंप मच गया है। अमरावती के मेलघाट के आदिवासी आश्रमशाला में छात्राओं के बीच कथित ‘भूतबाबा’ की अफवाह ने सरकारी आदिवासी शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। कुछ छात्राओं के अचानक हंसने और रोने तथा घुंघरुओं जैसी आवाज सुनाई देने की शिकायतों के बाद पैâली अफवाह ने इतना डर पैदा किया कि ३०० से अधिक छात्राओं ने छात्रावास छोड़कर अपने घर लौटना पसंद किया।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब तालुका की ही एक आदिवासी आश्रमशाला में विद्यार्थियों को विषबाधा होने की घटना अभी ताजा है। लगातार सामने आ रहीं घटनाओं ने आदिवासी विद्यार्थियों के लिए संचालित सरकारी आश्रमशालाओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, करीब सात-आठ दिन पहले डोमा स्थित आश्रमशाला की १५ से १६ छात्राएं अचानक हंसने और रोने लगीं। कुछ छात्राओं ने घुंघरुओं की आवाज सुनाई देने की बात कही। छात्रावास की अधीक्षिका उज्वला इंगले को इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने प्रधानाचार्य को मामले से अवगत कराया, लेकिन घटना की जानकारी अगले ही दिन गांव में पैâल गई।
अफवाहों ने खोली व्यवस्था की पोल
महायुति सरकार आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती रही है। लेकिन आश्रमशालाओं में कभी विषबाधा तो कभी अव्यवस्थाओं और अब ‘भूतबाधा’ जैसी अफवाहों से छात्राओं में डर पैदा होना सरकारी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। प्रशासन ने मामले की जांच के लिए टीम भेजी है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि छात्राओं के साथ वास्तव में क्या हुआ था और इसके पीछे कोई चिकित्सकीय, मनोवैज्ञानिक या अन्य कारण था।
