मीरा रोड (ईस्ट) स्थित विरुनग्ला केंद्र में ‘आकृति’ द्वारा दो एकल लघु नाटकों का मंचन किया गया।
पहले नाटक ‘धूप का एक टुकड़ा’ के लेखक निर्मल वर्मा हैं। इस एकल नाटक में अभिनेत्री के रूप में प्रख्यात लेखिका एवं कवयित्री रीता दास राम ने शानदार अभिनय किया। एक परित्यक्त स्त्री की मनोव्यथा को उन्होंने बड़ी कुशलता के साथ प्रस्तुत किया।
दूसरा नाटक ‘मेरे दोस्त का बेटा’ प्रसिद्ध कहानीकार एवं उपन्यासकार कृष्ण चंदर की इसी शीर्षक की कहानी पर आधारित था। इस कहानी का नाट्य रूपांतरण राजीव रोहित ने किया था। इस एकल नाटक में लेखक की भूमिका में संतोष जाधव ने बेहतरीन अभिनय क्षमता का परिचय दिया।
दोनों नाटकों का निर्देशन राजीव रोहित ने किया, जबकि संगीत संयोजन साहिल रवि ने किया। नाट्य मंचन को सफल बनाने में स्वर संगम फाउंडेशन के हृदयेश मयंक, हरि प्रसाद राय, राकेश शर्मा और शैलेश सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अन्य गणमान्य अतिथियों में राजेश विक्रांत, हरि मृदुल, मुख्तार खान, सैयद सलमा, संजय भिसे, प्रो. श्याम दिवाकर, आर. एस. विकल, दिनेश शाकुल, अजय रोहिल्ला, बृज मोहन पांडेय, राम नरेश राम, आशु, कमलेश शर्मा, पुलक चक्रवर्ती, अनिल गौड़, सुनील कुमार, सोनू पाहूजा, कृष्णा गौतम, पंकज कुमार, कुंदन कुमार, उमेश और विनोद सिंह उपस्थित थे।
‘धूप का एक टुकड़ा’ एकाकी जीवन जी रही स्त्री की मनोव्यथा का चित्रण है, जबकि ‘मेरे दोस्त का बेटा’ एक लेखक के जीवन की रचनात्मक कशमकश को प्रस्तुत करता है।
अंत में स्वर संगम फाउंडेशन के हृदयेश मयंक ने कलाकारों और दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि मीरा रोड में इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम नियमित रूप से होते रहे हैं और आगे भी होते रहेंगे।
