मुख्यपृष्ठसमाचार‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ अभियान के तहत सीयूएसबी में विधिक जागरूकता कार्यक्रम

‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ अभियान के तहत सीयूएसबी में विधिक जागरूकता कार्यक्रम

अनिल मिश्र / पटना

दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस स्थित विधिक सहायता क्लिनिक की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), गया के सहयोग से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) की जागृति योजना-2025 के अंतर्गत ‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ अभियान के तहत अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों एवं अन्य महत्वपूर्ण विधिक विषयों की जानकारी दी गई।
इस संबंध में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, पंचानपुर के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में विधिक साक्षरता एवं संवैधानिक चेतना को बढ़ावा देना तथा उन्हें अपने अधिकारों, कर्तव्यों और न्याय तक पहुंच के उपलब्ध साधनों के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर स्कूल ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस के विभागाध्यक्ष एवं प्रमुख प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि युवाओं को अपने संवैधानिक अधिकारों एवं कर्तव्यों की समुचित जानकारी होना जागरूक और जिम्मेदार नागरिक के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में आयोजित ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को कानून की व्यावहारिक समझ प्रदान करने के साथ-साथ उनमें संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और न्याय के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विधिक सहायता क्लिनिक के समन्वयक प्रो. सुरेंद्र कुमार ने भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों एवं मौलिक कर्तव्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में उपलब्ध विधिक उपायों और सहायता तंत्र की जानकारी रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अधिकारों के साथ संवैधानिक कर्तव्यों की समझ और उनका पालन भी एक सशक्त लोकतांत्रिक समाज के लिए आवश्यक है।
प्रो. कुमार ने न्याय तक पहुंच एवं निःशुल्क विधिक सहायता के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विधिक सहायता का उद्देश्य जरूरतमंद व्यक्तियों को उनके अधिकारों की जानकारी, उचित कानूनी मार्गदर्शन तथा न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंच उपलब्ध कराना है। इस दौरान कारागार एवं हिरासत में रह रहे व्यक्तियों के विधिक अधिकारों पर भी चर्चा की गई तथा विधि के शासन के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा और अधिकारों के संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया गया।
एनएएलएसए की जागृति योजना-2025 के अंतर्गत अगस्त माह को ‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ अभियान के रूप में मनाते हुए युवाओं में विधिक साक्षरता, किशोर न्याय एवं न्याय तक पहुंच के संबंध में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया है। इसी क्रम में सीयूएसबी में आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं को संविधान और विधि से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रो. सुरेंद्र कुमार की सक्रिय भूमिका रही। उनके साथ सह-समन्वयक डॉ. अनंत प्रकाश नारायण एवं डॉ. चंदना सुब्बा ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। विधिक सहायता क्लिनिक के छात्र सदस्यों ने भी कार्यक्रम के आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाई।

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