तहकीकात : फिरोज खान
मुंबई की चकाचौंध भरी ग्लैमर इंडस्ट्री की तस्वीर बाहर से जितनी रंगीन दिखाई देती है, उसके पीछे संघर्ष की कहानी उतनी ही कड़वी है। मॉडलिंग और टीवी की दुनिया में काम की कमी, लगातार ऑडिशन और कम होते अवसरों के बीच आर्थिक तंगी से जूझ रही युवतियों को कथित तौर पर आसान और मोटी कमाई का लालच देकर गलत रास्ते पर धकेले जाने का मामला सामने आया है। खार में हुई पुलिस कार्रवाई ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्लैमर की चमक के पीछे आखिर कितना अंधेरा छिपा है।
खार पुलिस ने पश्चिमी उपनगर के एक होटल में छापा मारकर एक महिला को कथित देह व्यापार के चंगुल से मुक्त कराया और ओशिवरा से २६ वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, मॉडलिंग से जुड़ी महिलाओं को आकर्षक कमाई का लालच देकर इस धंधे में शामिल करने का आरोप है।
मामला केवल एक होटल या एक आरोपी तक सीमित है या इसके पीछे बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, इसकी जांच पुलिस कर रही है। खास सवाल यह है कि क्या इंडस्ट्री में काम की तलाश कर रही महिलाओं की मजबूरी को दलाल और बिचौलिए अपना धंधा चमकाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
आज हजारों युवा मॉडलिंग और टीवी की दुनिया में भविष्य बनाने मुंबई आते हैं, लेकिन हर किसी को नियमित काम नहीं मिलता। लंबे समय तक बेरोजगारी और आर्थिक दबाव के बीच जब कोई व्यक्ति आसान कमाई का लालच देता है, तो शोषण का खतरा बढ़ जाता है।
इस मामले में बरामद मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामग्री की जांच भी की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के संपर्क में और कितनी महिलाएं थीं और क्या किसी बड़े रैकेट का नेटवर्क इससे जुड़ा है।
ग्लैमर इंडस्ट्री की चमक बरकरार रहे, लेकिन उसके पीछे संघर्ष कर रही महिलाओं की मजबूरी किसी के लिए कमाई का जरिया न बने, यह जिम्मेदारी पुलिस के साथ-साथ पूरी इंडस्ट्री की भी है।
