एजेंसी / नई दिल्ली
दुनिया के समुद्री कारोबार के लिए एक और बड़ा खतरा सामने आया है। यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर से लगे यमन के पूरे तट पर नियंत्रण हासिल करने का दावा मजबूत कर लिया है। शुक्रवार को हूती लड़ाके मोर्चा के बाद धुबाब तक पहुंचे और बाब अल-मंदेब के बीचों-बीच स्थित मायून यानी पेरिम द्वीप पर भी पहुंच गए। यहां से बाब अल-मंदेब के समुद्री रास्ते पर नजर रखी जा सकती है। हालांकि, हूती सरकार ने आधिकारिक तौर पर बाब अल-मंदेब पर पूरा नियंत्रण होने की घोषणा नहीं की है। लेकिन अगर बाब-अल-मंदेब बंद हुआ तो समूची दुनिया के साथ ही हिंदुस्थान में महंगाई की सुनामी आ सकती है।
लाल सागर के मुहाने पर हूतियों की बढ़ती पकड़ ने वैश्विक व्यापार के साथ-साथ हिंदुस्थान की अर्थव्यवस्था के लिए भी खतरे की घंटी बजा दी है। बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में शामिल है। इस रास्ते पर संकट गहराया और जहाजों की आवाजाही बाधित हुई तो एशिया, यूरोप और अप्रâीका के बीच माल ढुलाई का पूरा गणित बिगड़ सकता है। सबसे बड़ा झटका तेल के मोर्चे पर लगने की आशंका है।
किन चीजों के दाम बढ़ सकते हैं?
पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, खाद्य तेल, उर्वरक दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े, ऑटो पार्ट्स, किराना सामान।
