-मीरा-भायंदर मनपा की लापरवाही के कारण शहर में
-खराब सड़कें और सीमेंट कंक्रीट का अधूरा काम बना आफत
सुरेश गोलानी / मुंबई
विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के आगमन में अब महज ४८ घंटे शेष हैं। जहां पूरा शहर बप्पा के स्वागत की तैयारियों में डूबा है, वहीं मीरा-भायंदर मनपा के तमाम दावों के बावजूद शहर की कई सड़कें अब भी गड्ढों से पटी पड़ी हैं। मुख्य मार्गों से लेकर अंदरूनी सड़कों तक टूटी सड़कें और सीमेंट कंक्रीटीकरण के अधूरे कामों ने त्योहार के उत्साह पर पानी फेर दिया है। १४ से २५ सितंबर तक चलने वाले दस दिवसीय महापर्व के ठीक पहले आगमन और विसर्जन मार्गों की बदहाली ने गणेश मंडलों, नागरिकों और पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
मनपा हर साल मानसून और त्योहारों से पहले सड़कों को गड्ढा-मुक्त करने का दावा करती है, लेकिन हकीकत बदतर है। कई जगह सड़कों को बीच में खोदकर छोड़ दिया गया है। बारिश का पानी भरने से ये हिस्से जानलेवा दलदल बन गए हैं। अधूरे काम वाली जगहों पर नुकीले सरिये और सीमेंट के टुकड़े बिखरे हैं, जो हादसों को न्योता दे रहे हैं। गणेश मंडलों ने मनपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रशासन हर साल खोखले वादे करता है। आगमन और विसर्जन के मुख्य मार्गों पर गहरे गड्ढे जस के तस हैं, जिससे बप्पा की विशाल मूर्तियों को पंडालों तक सुरक्षित लाना चुनौती बन गया है।
पुलिस की सख्ती
खराब सड़कों को सुरक्षा के लिए बड़ी बाधा बताते हुए मीरा-भायंदर, वसई-विरार आयुक्तालय के पुलिस थानों ने मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। पत्र में कहा गया है कि खराब सड़कों से ट्रैफिक जाम होगा और सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन में भारी दिक्कत आएगी। त्योहार के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी, ऐसे में सड़कों की खराब हालत गंभीर समस्या बन सकती है।
