मुख्यपृष्ठनए समाचारठाणे की रिंग मेट्रो पर ‘अपनों’ में ही संग्राम!

ठाणे की रिंग मेट्रो पर ‘अपनों’ में ही संग्राम!

-प्रताप सरनाईक के वैकल्पिक मार्ग का उन्हीं के गुट के नगरसेवकों ने किया विरोध
-हजारों परिवारों के प्रभावित होने, पेड़ कटने और ट्रैफिक बढ़ने की आशंका; नागरिकों ने बनाई मानव शृंखला

सामना संवाददाता / ठाणे

प्रस्तावित आंतरिक रिंग मेट्रो अब केवल विकास परियोजना नहीं रही, बल्कि शिंदे गुट के भीतर राजनीतिक टकराव का नया मुद्दा बन गई है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मूल मार्ग के बजाय वैकल्पिक मार्ग सुझाया तो उनकी ही पार्टी के स्थानीय नगरसेवकों और नागरिकों ने इसका खुला विरोध शुरू कर दिया। मामला उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तक पहुंचने की बात भी सामने आई है।
१,५०० परिवार होंगे प्रभावित
नागरिकों का आरोप है कि वैकल्पिक मार्ग अपनाया गया तो बड़े पैमाने पर पेड़ काटने पड़ सकते हैं, भूमिगत सेवाओं को स्थानांतरित करना पड़ेगा और पहले से जाम से जूझ रहे इलाकों पर यातायात का अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा। पुनर्वास को लेकर भी सवाल हैं। परियोजना से लगभग १,४०० से १,५०० परिवार प्रभावित हो सकते हैं, जबकि प्रभावितों की अंतिम सूची और पुनर्वास योजना अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
सड़कों पर उतरा विरोध
विरोध अब सड़कों पर उतर चुका है। ‘ठाणे अगेंस्ट इंटिग्रल रिंग मेट्रो’ मंच के बैनर तले नागरिकों ने भारी बारिश में मानव शृंखला बनाई और मांग की कि मेट्रो यदि बनानी ही है तो मूल मार्ग तथा पर्यावरण और पुनर्वास के सवालों पर खुली चर्चा के बाद बनाई जाए।
जनता, नगरसेवक कर रहे विरोध
आंदोलनकारियों ने परियोजना से हजारों पेड़ों और मैंग्रोव को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई है, हालांकि इन आंकड़ों की अंतिम सरकारी पुष्टि अलग से जरूरी होगी। अब सवाल सिर्फ मेट्रो का नहीं है। जब मंत्री का प्रस्ताव उनकी ही पार्टी के जनप्रतिनिधि और नागरिक नकार रहे हों, तो ठाणे की रिंग मेट्रो का असली रास्ता आखिर कौन तय करेगा?

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