मुख्यपृष्ठनए समाचारकचरा शेड बना मौत का ‘टाइम बम’!

कचरा शेड बना मौत का ‘टाइम बम’!

-प्लास्टिक-कचरे के ढेर के पास बिजली का  सब-स्टेशन, कभी भी भड़क सकती है आग
– क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है मनपा?
सुरेश गोलानी / मुंबई
भायंदर-पूर्व स्थित सर्वोदय रेजिडेंसी इमारत के मुख्य गेट के पास, बगल की सोसायटी द्वारा कथित रूप से बनाया गया अवैध कचरा शेड और खुले में बिखरा ढेर किसी बड़े हादसे को खुली दावत दे रहा है। नियमों को ताक पर रखकर बनाया गया यह कचरा घर की दीवार से बिल्कुल सटकर हाई-वोल्टेज इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन मौजूद है, जिससे यहां चौबीसों घंटे भीषण आग लगने का जोखिम मंडरा रहा है। आरोप है कि यहां सूखे और गीले कचरे का वर्गीकरण नहीं किया जा रहा है। नियमों की धज्जियां उड़ाकर सारा मिक्स कचरा एक साथ फेंकने से उसमें रासायनिक प्रक्रिया शुरू होने और मिथेन गैस तैयार होने की भी संभावना है। ढेर में मौजूद भारी मात्रा में प्लास्टिक और सूखा कचरा र्इंधन का काम कर रहे हैं। बिजली के सब-स्टेशन से निकली एक मामूली चिंगारी भी इस गैस के संपर्क में आते ही पल भर में विकराल आग या ब्लास्ट का रूप ले सकती है। यदि ऐसा हुआ, तो सोसाइटी का एकमात्र निकास द्वार पूरी तरह ब्लॉक हो जाएगा और सैकड़ों जिंदगियां खतरे में पड़ जाएंगी। तस्वीर गवाही दे रही है कि कचरे के बड़े-बड़े ड्रम और प्लास्टिक की थैलियां मुख्य सड़क पर बिखरी पड़ी हैं। नियमित रूप से सफाई न होने के कारण यहां चौबीसों घंटे गंदगी का साम्राज्य फैला रहता है, जिससे पूरी सोसाइटी में बदबू का माहौल है। सबसे गंभीर बात यह है कि इस गंदगी पर भिनभिनाती मक्खियां और पनपते मच्छर-डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टाइफाइड और गैस्ट्रो जैसी जानलेवा बीमारियों को खुली दावत दे रहे हैं।
एक तरफ सरकार ‘स्वच्छ भारत अभियान’ का ढिंढोरा पीटती है, वहीं दूसरी तरफ मीरा-भायंदर महानगरपालिका का स्वच्छता विभाग इस गंभीर स्थिति से पूरी तरह अनजान बना हुआ है। इस जानलेवा लापरवाही के खिलाफ सजग नागरिकों ने २०२० में ही मनपा और बिजली सप्लाई कंपनी से लिखित शिकायत की थी। लेकिन ६ साल बीत जाने के बाद भी प्रशासन किसी बड़े हादसे या जनहानि का इंतजार कर रहा है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवैध कचरा शेड को तुरंत नहीं हटाया गया, तो किसी भी अनहोनी की पूरी जिम्मेदारी मनपा और संबंधित विभागों की होगी।
छह साल से शिकायत, कार्रवाई शून्य!
अवैध कचरा शेड और गंदगी को लेकर नागरिकों ने वर्ष २०२० में मनपा और बिजली कंपनी से शिकायत की थी। छह साल गुजरने के बावजूद समस्या जस की तस है। रहिवासियों ने हादसा होने पर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की चेतावनी दी है।

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