मुख्यपृष्ठनए समाचार13 दिन राममय रहेगा नैनी... 10 को घोड़ों पर सवार होंगे राम-लक्ष्मण

13 दिन राममय रहेगा नैनी… 10 को घोड़ों पर सवार होंगे राम-लक्ष्मण

राजेश सरकार / प्रयागराज

दशहरा महोत्सव की आहट के साथ नैनी में रामलीला की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। पांच दशक से अधिक पुरानी रामलीला परंपरा इस बार 13 दिनों तक आस्था, भक्ति और मंचीय भव्यता का संगम रचेगी। मानस रामलीला समिति, नैनी ने रामलीला महोत्सव का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। 10 अक्टूबर को ऐतिहासिक 10 कर्ण घोड़ा शोभायात्रा के साथ महोत्सव का आगाज होगा, जबकि 23 अक्टूबर को भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक और विशाल भंडारे के साथ इसका समापन होगा।
घोड़ों पर सवार होंगे चारों भाई, पुष्पवर्षा से होगा स्वागत
10 अक्टूबर की शाम नैनी के प्रमुख मार्गों पर निकलने वाली 10 कर्ण घोड़ा शोभायात्रा इस महोत्सव का पहला बड़ा आकर्षण होगी। इसमें श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूप कलाकार घोड़ों पर सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया जाएगा। इसके साथ ही नैनी में 13 दिनों तक चलने वाली रामकथा के मंचन का माहौल बन जाएगा।
नारद मोह से रावण वध तक चलेगा लीला का रोमांच
11 अक्टूबर को मुकुट पूजन, नारद मोह और रावण जन्म के साथ मंचन शुरू होगा। 12 अक्टूबर को श्रीराम जन्मोत्सव और मुनि आगमन, 13 को ताड़का वध व अहिल्या उद्धार तथा 14 अक्टूबर को फुलवारी, धनुष यज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद मंचित किया जाएगा।
15 अक्टूबर को श्रीराम-जानकी विवाह और राज्याभिषेक की घोषणा, जबकि 16 अक्टूबर को मंथरा-कैकेयी प्रसंग और श्रीराम वनगमन होगा। 17 अक्टूबर को केवट प्रसंग, दशरथ मरण, भरत आगमन और भरत-राम मिलाप भावनात्मक दृश्य प्रस्तुत करेंगे।
18 अक्टूबर को शूर्पणखा प्रकरण, खर-दूषण वध, सीता हरण, जटायु और शबरी प्रसंग के बाद 19 अक्टूबर को श्रीराम-हनुमान भेंट, सुग्रीव से मित्रता, बालि वध और आतिशबाजी के साथ लंका दहन होगा।
20 अक्टूबर को दोपहर से आधी रात तक रामलीला का चरम
महोत्सव के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में 20 अक्टूबर भी शामिल होगा। दोपहर में रामेश्वरम शिवलिंग स्थापना, सेतु संयोजन और अंगद-रावण संवाद होगा। रात में लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण वध, मेघनाद वध, सुलोचना सती, अहिरावण वध और अंततः रावण वध का मंचन किया जाएगा। इसके बाद श्रीराम दल अयोध्या के लिए प्रस्थान करेगा।
21 को शोभायात्रा, 22 को भरत मिलाप, 23 को राजगद्दी
21 अक्टूबर को भव्य श्रीराम दल शोभायात्रा निकलेगी। 22 अक्टूबर को श्रीराम-भरत मिलाप का भावपूर्ण मंचन होगा। 23 अक्टूबर को भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ 13 दिवसीय रामलीला महोत्सव का विधिवत समापन किया जाएगा। इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन भी होगा।
अयोध्या-चित्रकूट के कलाकार बढ़ाएंगे मंच की भव्यता
मानस रामलीला समिति के अनुसार इस बार मंचन को और आकर्षक बनाने के लिए अयोध्या और चित्रकूट के प्रसिद्ध कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि पांच दशक से अधिक पुरानी इस परंपरा को भव्य स्वरूप देने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कार्यक्रम की घोषणा के दौरान शिव शंकर दीक्षित, धीरेन्द्र यादव, नयन कुशवाहा, मोहम्मद अजहर, राकेश श्रीवास्तव, सुभाष केसरवानी समेत समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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