एक ही दिन में ६ स्वर्ण; महिला हॉकी ने ४४ साल बाद चीन को हराया, लवलीना-परवीन-अंकुश और सुजीत भी बने एशियाई चैंपियन
नागोया। एशियाई खेल २०२६ में गुरुवार का दिन भारत के लिए सोने की बरसात लेकर आया। भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन में छह स्वर्ण समेत कुल १० पदक जीतकर पदक तालिका में पांचवें स्थान तक छलांग लगा दी। दिन के अंत तक भारत के खाते में १६ स्वर्ण, २५ रजत और ३५ कांस्य सहित कुल ७६ पदक हो गए। सबसे बड़ी जीत महिला हॉकी टीम ने दर्ज की। भारत ने फाइनल में चीन को १-० से हराकर ४४ साल बाद एशियाई खेलों का स्वर्ण जीता। लालरेम्सियामी ने १०वें मिनट में निर्णायक गोल किया। इस जीत से भारत ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक २०२८ का कोटा भी हासिल कर लिया। मुक्केबाजी में भी भारत ने गोल्ड की हैट्रिक लगाई। लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के ७५ किग्रा वर्ग, परवीन हुड्डा ने ६५ किग्रा और अंकुश पंघाल ने पुरुष ८० किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता। कुश्ती में सुजीत कलकल ने ६५ किग्रा फ्रीस्टाइल में सोना जीता। महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण अपने नाम किया। एक दिन में छह स्वर्ण ने भारत की पदक तालिका की तस्वीर ही बदल दी-अब मुकाबला केवल पदक जोड़ने का नहीं, शीर्ष पांच में जगह मजबूत करने का है।
