-शिवाजी पार्क से जंतर-मंतर तक चुनाव आयोग के खिलाफ फूटा गुस्सा
-ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग ने पकड़ा राष्ट्रीय जोर
-मुंबई में सीजेपी के आह्वान पर विशाल प्रदर्शन
-दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से टकराहट
-एसआईआर पर रोक और स्वतंत्र जांच की मांग
-देश के कई शहरों में आंदोलन ले जाने की तैयारी
सामना संवाददाता / मुंबई-नई दिल्ली
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को मुंबई से दिल्ली तक विरोध की आग भड़क उठी। मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर उमड़े युवाओं ने चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और एसआईआर के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं दिल्ली में जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे छात्र, राजनीतिक और नागरिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद शाम चार बजे से युवा पहुंचने लगे। मैदान के रास्ते रोके गए तो प्रदर्शनकारियों ने बाहर ही मोर्चा संभाल लिया। कुछ ही देर में पूरा इलाका ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’, ‘नहीं सहेंगे अन्याय’ और ‘शर्म करो मोदी सरकार’ जैसे नारों से गूंज उठा।
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। वक्ताओं ने महाराष्ट्र में राजनीतिक दलों की टूट, सांसदों-विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त, केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे उठाए।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि शिवाजी पार्क से शुरू हुआ आंदोलन अब देशव्यापी रूप लेगा। गोवा, कोलकाता, बेंगलुरु और दिल्ली में भी प्रदर्शन किए जाएंगे।
दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई ने विरोध को और भड़का दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चुनाव आयोग से सवाल पूछने वालों को हिरासत में लेकर लोकतंत्र की आवाज नहीं दबाई जा सकती। मुंबई से दिल्ली तक उठी एक ही आवाज थी-वोट हमारा है तो हिसाब भी हमें चाहिए।
