मुख्यपृष्ठअपराधसंजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में नकली टिकटों का धंधा

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में नकली टिकटों का धंधा

-पर्यटकों को फर्जी टिकट बेचकर सरकार को चूना
-प्रिंटिंग मशीन और सॉफ्टवेयर बनाने वाला मास्टरमाइंड फरार

सामना संवाददाता / मुंबई

मुंबई के संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटकों को फर्जी टिकट बेचकर सरकार को चूना लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने नकली टिकट बेचने के आरोप में 31 वर्षीय आकाश रविंद्र सरदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर्यटकों को राष्ट्रीय उद्यान के प्रवेश टिकट के नाम पर नकली टिकट बेच रहा था।
मामला 6 अक्टूबर 2026 का है। राष्ट्रीय उद्यान में ड्यूटी पर तैनात वनरक्षक शिवराज बालाजी उगले के पास एक पर्यटक ने शिकायत की कि उसे प्रवेश के लिए एक फटा हुआ टिकट दिया गया है। वनरक्षक को टिकट पर संदेह हुआ। उन्होंने टिकट काउंटर पर इसकी जांच कराई तो पता चला कि उस टिकट की कोई बिक्री ही दर्ज नहीं थी।
इसके बाद आरोपी आकाश सरदार के पास मिले नौ टिकटों की जांच की गई। इन टिकटों पर छपी जानकारी, प्रिंट और फॉन्ट असली टिकटों से मेल नहीं खा रहे थे। इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
कस्तूरबा मार्ग पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गणेश ईश्वर ठाकुर नामक व्यक्ति ने ये नकली टिकट तैयार कर उसे बेचने के लिए दिए थे। पुलिस को जानकारी मिली है कि गणेश ठाकुर के पास नकली टिकट बनाने की मशीन और सॉफ्टवेयर भी मौजूद है। पुलिस ने उसे वांछित आरोपी बनाया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए तलाश शुरू कर दी है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने कितने नकली टिकट बेचकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। टिकटों के इस फर्जीवाड़े ने राष्ट्रीय उद्यान की टिकट व्यवस्था और निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

अन्य समाचार