-आदित्य ठाकरे ने राज्यपाल को पत्र लिखकर राष्ट्रपति से बर्खास्तगी की सिफारिश करने की मांग की
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष की जांच के सिलसिले में उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए। उन्हें पद से हटाने की सिफारिश राष्ट्रपति से की जाए, यह गुजारिश शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा से एक पत्र के जरिए की है।
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग में हो रही गड़बड़ियों को लेकर राज्य में परीक्षा देने वाले छात्रों का आंदोलन चल रहा है और एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार को पद से हटाने की मांग की जा रही है। इस माहौल में एमपीएससी के मौजूदा अध्यक्ष के साथ-साथ पूर्व अध्यक्ष और सदस्यों के खिलाफ शिकायतों की जांच के लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने की सिफारिश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्यपाल से की है। आदित्य ठाकरे ने इसी बात का हवाला देते हुए एमपीएससी के मौजूदा अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की है।
टीईटी पर सरकार का वादा फेल
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर महायुति सरकार की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पेपर लीक के कारण परीक्षा स्थगित किए जाने के बाद सरकार ने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि अक्टूबर में दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। लेकिन अक्टूबर शुरू होने के बावजूद अब तक न परीक्षा हुई और न ही परीक्षा की कोई अधिसूचना जारी की गई। इसे लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार कहा कि राज्य के युवाओं को पहले ही पेपर लीक का बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है।
भ्रष्ट शासन को उखाड़ फेंकेंगे छात्रों की आवाज दबने नहीं देंगे!
विद्यानगरी पुणे में चल रहे एमपीएससी छात्रों के आंदोलन में शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने पहुंचकर छात्रों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने एमपीएससी में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आक्रामक चेतावनी देते हुए कहा कि देश के भविष्य को बर्बाद करने वाले एमपीएससी अध्यक्ष का इस्तीफा लिए बिना हम शांत नहीं बैठेंगे। आदित्य ठाकरे ने सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि यदि सत्ता में चंदा चोर, वोट चोर और प्रश्नपत्र चोरों की टोली बैठी है, तो छात्रों को न्याय वैâसे मिलेगा? उन्होंने छात्रों से एकजुटता बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि जब तक एमपीएससी अध्यक्ष का इस्तीफा नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन से पीछे नहीं हटना है। आदित्य ठाकरे ने छात्रों के सवालों को लेकर मुंबई में एमपीएससी कार्यालय के बाहर आंदोलन करने का आह्वान भी किया।
