-मोदी सरकार को तीन मोर्चों पर घेरेंगे खड़गे!
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
वोट की ताकत, सीटों का गणित और महिला आरक्षण इन तीन अहम मुद्दों पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। विपक्ष की रणनीति के केंद्र में परिसीमन की प्रक्रिया, लोकसभा सीटों के पुनर्गठन से पैदा होने वाले राजनीतिक सवाल और महिला आरक्षण कानून को लागू करने में हो रही देरी का मुद्दा रहेगा। कांग्रेस इन सवालों के जरिए सरकार से न केवल जवाब मांगेगी, बल्कि लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर भी बहस तेज करने की कोशिश करेगी।
परिसीमन का मुद्दा विपक्ष के लिए सबसे अहम राजनीतिक मोर्चों में से एक बन सकता है। लोकसभा सीटों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया का असर राज्यों के प्रतिनिधित्व और संसद में उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी पर पड़ सकता है। ऐसे में कांग्रेस की मांग है कि इस विषय पर आगे बढ़ने से पहले सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लिया जाए और व्यापक चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।
सीटों का गणित और
वोट की ताकत पर बहस
दूसरा मोर्चा लोकसभा सीटों के संभावित पुनर्गठन और उसके राजनीतिक प्रभाव से जुड़ा है। परिसीमन के बाद संसद में राज्यों की सीटों का अनुपात किस तरह बदलेगा और इसका प्रतिनिधित्व पर क्या असर पड़ेगा, ये सवाल आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकते हैं। कांग्रेस इस मुद्दे पर यह तर्क सामने रख सकती है कि लोकतंत्र में हर नागरिक के वोट का महत्व और राज्यों की आवाज संसद में प्रभावी बनी रहनी चाहिए। साथ ही, सीटों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया में राज्यों के बीच संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करना भी जरूरी है। तीसरा मोर्चा महिला आरक्षण का है। कांग्रेस महिला आरक्षण कानून को लागू करने की समय-सीमा और इसे परिसीमन से जोड़ने के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग सकती है। पार्टी का जोर इस बात पर रह सकता है कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के वादे को जल्द से जल्द ठोस रूप दिया जाए। खड़गे के सामने इन तीनों मुद्दों को एक साझा राजनीतिक विमर्श में बदलने की चुनौती होगी। परिसीमन के जरिए राज्यों के प्रतिनिधित्व, सीटों के गणित के जरिए लोकतांत्रिक संतुलन और महिला आरक्षण के जरिए महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का सवाल उठाकर कांग्रेस सरकार को जवाबदेही के घेरे में लाने की कोशिश करेगी।
