– लॉरेंस बिश्नोई गिरोह और लगातार फायिंरग पर सुषमा अंधारे के गंभीर सवाल
– सीएम फडणवीस की कार्यप्रणाली पर साधा निशाना
सामना संवाददाता / मुंबई
दादर के शिवतीर्थ पर आयोजित शिवसेना के भव्य दशहरा सम्मेलन में शिवसेना की उपनेता सुषमा अंधारे ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कानून-व्यवस्था, भीषण सूखे, किसानों की आत्महत्याओं, सत्ताधारियों की फिजूलखर्ची और एमपीएससी परीक्षा के घोटालों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। सुषमा अंधारे ने कहा कि एक समय १९९३-९५ के दौर में मनोहर जोशी और गोपीनाथराव मुंडे की युति सरकार ने `बुलेट फॉर बुलेट’ की नीति अपनाकर मुंबई के अंडरवर्ल्ड की कमर तोड़ दी थी। लेकिन आज सत्ता के लिए लाचार हुई भाजपा अपराधियों के सामने पूरी तरह असहाय हो चुकी है। सड़कों पर बाबा सिद्दीकी की हत्या होती है, पूर्णेकर का मर्डर कर दिया जाता है। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान, रोहित शेट्टी व टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी करके बिश्नोई गैंग खुलेआम जिम्मेदारी स्वीकारता है। लॉरेन्स बिश्नोई साबरमती जेल और अनमोल बिश्नोई तिहाड़ जेल से अपना गैंग ऑपरेट करते हैं, जो दोनों ही भाजपा शासित राज्यों या केंद्र के नियंत्रण में हैं। महाराष्ट्र और अन्य भाजपाशासित राज्यों में गैंग के लोग बेखौफ घूम रहे हैं। ठाणे में शिवसैनिक प्रदीप पूर्णेकर के हत्यारों को पुलिस सुरक्षा दी जाती है। इस मामले में एसआईटी की जांच पूरी तरह शून्य है। इन हालातों को देखते हुए उन्होंने राज्य के गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस को ललकारा कि कानून-व्यवस्था संभालना उनके बस की बात नहीं है।
भीषण सूखा और किसानों की आत्महत्याएं
राज्य की कृषि स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आज महाराष्ट्र में पिछले १५० सालों का सबसे भीषण सूखा है। सरकार सैटेलाइट सर्वे के नाम पर किसानों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है। सैटेलाइट से थोड़ी बारिश के कारण जमीन भले ही हरा-भरी दिखे लेकिन नीचे फसल पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी है। मराठवाडा में बैलपोला के ४८ किसानों ने आत्महत्या की, लेकिन सरकार इस पर चुप है। उन्होंने मांग की कि चारा छावनियों के नाम पर दलालों को पालने के बजाय सीधे किसानों के बैंक खातों या खेत की मेड़ पर नकद और चारे की मदद पहुंचाई जानी चाहिए।
सत्ताधारियों की फिजूलखर्ची और पीएसआई घोटाला
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा जनता को मितव्ययिता की सलाह दिए जाने पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि यह सलाह पहले अपने नेताओं को दें। प्रवीण दरेकर गरबे में, संभाजीनगर में ओएसडी सेवा सप्ताह के नाम पर लाखों लीटर पानी और पैसा बर्बाद करते हैं, जबकि अन्य नेता नोट उड़ाते हैं। आम आदमी ही क्यों किफायत बरते? स्पर्धा परीक्षाओं पर बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि एमपीएससी की ६१५ फर्जी पीएसआई भर्ती के महाघोटाले को जानबूझकर जांच समिति से बाहर रखा गया। प्रत्येक पद के लिए १८ लाख रुपए वसूले गए और गृह विभाग के बड़े अधिकारी इस भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।
