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नशे के सौदागरों के आगे फडणवीस की पुलिस बेबस!

-पाकिस्तान से पंजाब, फिर मुंबई तक ड्रग्स की खेप
-एक साल में १० मामले, ७५ पेडलरों के नाम आए सामने;
-६.३४ करोड़ रुपए के मादक पदार्थ, हथियार और संपत्ति जब्त
फिरोज खान / मुंबई
महायुति सरकार के के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। देवेंद्र फडणवीस की सरकार डंका पीट रही है कि नशामुक्ति मुहिम चलाकर काफी हद तक नशे के अवैध धंधे पर काबू पाया है, लेकिन सच्चाई यह है कि पाकिस्तान से ड्रग्स की घुसपैठ जारी है और मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पुलिस और खुफिया तंत्र बुरी तरह फेल नजर आ रहा है। ड्रोन से पंजाब, फिर ट्रेन और ट्रकों से मुंबई-नई मुंबई और महाराष्ट्र तक नशे खेप पंहुच रही है। चौंकाने वाली जानकारी यह है कि पिछले एक वर्ष के दौरान दर्ज १० मामलों में ७५ पेडलरों की जानकारी सामने आई है। धरे गए पेडलरों के पास से ६.३४ करोड़ रुपए मूल्य के मादक पदार्थ, हथियार और अन्य संपत्ति जब्त की गई है। इस खुलासे ने सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी की हकीकत खोल दी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तस्करी के इस नेटवर्क में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब के सीमावर्ती इलाकों तक हेरोइन, अफीम और हथियार पहुंचाए जाते थे। इसके बाद रेल और ट्रकों के माध्यम से नशीले पदार्थों को मुंबई तथा नई मुंबई तक लाया जाता है। पंजाब के तरनतारन, अमृतसर और गुरदासपुर जैसे सीमावर्ती जिलों का नाम जांच में सामने आया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने हेरोइन, अफीम, मेफेड्रोन और चरस समेत विभिन्न मादक पदार्थ जब्त किए। इसके अलावा ऑस्ट्रिया निर्मित ९ एमएम ग्लॉक पिस्तौल, कारतूस और मैगजीन भी बरामद किए गए। सूत्रों के अनुसार तस्करी नेटवर्क में बड़े खरीदारों को अधिक मात्रा में नशीले पदार्थ खरीदने के लिए हथियार और कारतूस देने का प्रलोभन भी दिया जाता था।
हवाला के जरिए पाकिस्तान तक पहुंचता है पैसा
जांच में यह भी सामने आया है कि ड्रग्स की बिक्री से मिलने वाली रकम डिजिटल भुगतान माध्यमों के जरिए पंजाब भेजी जाती है और फिर हवाला नेटवर्क के माध्यम से दुबई होते हुए पाकिस्तान तक पहुंचाई जाती है। नशे के तस्करों द्वारा वीपीएन, विदेशी फोन नंबर और व्हॉट्सऐप कॉल का इस्तेमाल किए जाने का भी खुलासा हुआ है।

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