मुख्यपृष्ठनए समाचारधारावी में पेड़ों का सामूहिक हत्याकांड...`टोरंट प्रोजेक्ट के लिए सह्याद्रि को ही...

धारावी में पेड़ों का सामूहिक हत्याकांड…`टोरंट प्रोजेक्ट के लिए सह्याद्रि को ही क्यों चुना?’

-`गुजराती कंपनी को ही क्यों भेजा? सूरत का बदला ले रहे हैं क्या?’
-आदित्य ठाकरे का मुख्यमंत्री से सीधा सवाल; ७ लाख पेड़ काटे जाने का भी दावा
सामना संवाददाता / मुंबई

शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख एवं विधायक आदित्य ठाकरे ने टोरंट जलविद्युत परियोजना के लिए कर्जत में हो रही पेड़-कटाई को लेकर महायुति सरकार पर जोरदार हमला बोला। टोरंट प्रोजेक्ट के लिए सह्याद्रि को ही क्यों चुना, गुजराती कंपनी को ही वहां क्यों भेजा, सूरत का बदला ले रहे हैं क्या?, ऐसे तीखे सवाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से करते हुए आदित्य ठाकरे ने चेतावनी दी कि विकास के नाम पर महाराष्ट्र के पर्यावरण, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत सह्याद्रि का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
आदित्य ठाकरे ने `मातोश्री’ निवास पर आयोजित पत्रकार सम्मेलन में टोरंट प्रोजेक्ट को लेकर मुख्यमंत्री फडणवीस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस सह्याद्रि में छत्रपति शिवाजी महाराज और कई मावले बड़े हुए, जहां महाराष्ट्र का असली इतिहास रचा गया, उन्हीं घाटी-खाड़ियों को अब सरकार खोदना चाहती है, वहां गुजरात की कंपनियों को काम देना चाहती है और स्थानीय नागरिकों तथा आदिवासियों को वहां से बेदखल करना चाहती है। टोरंट प्रोजेक्ट को मंजूरी देने से पहले स्थानीय लोगों की आपत्तियां जानने के लिए जनसुनवाई का दावा सरकार करती है। लेकिन आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के अनुसार, उस जनसुनवाई में केवल छह लोग प्रोजेक्ट के पक्ष में थे और उन्हीं की राय मानी गई, जबकि १०० लोगों द्वारा रखे गए विरोधी विचारों को जानबूझकर नजरअंदाज कर दिया गया।
४५ हजार नहीं, ७ लाख पेड़ काटे जाएंगे
सरकार का कहना है कि जहां प्रोजेक्ट बनना है उस साय डोंगरी इलाके में ४५ हजार पेड़ काटे जाएंगे, लेकिन असल में वहां ६ से ७ लाख पेड़ों की बलि चढ़ाई जाएगी, यह चौंकाने वाली जानकारी आदित्य ठाकरे ने दी। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने कर्जत जाकर खुद मुआयना किया, तो काटे गए कुछ पेड़ों पर नंबर तक दर्ज नहीं थे।
मुख्यमंत्री में हिम्मत हो तो मौके पर आकर चर्चा करें
मुख्यमंत्री फडणवीस पर तंज कसते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि यह `ईको बनाम ईगो’ का विवाद है। यह असल में कितने मेगावाट का प्रोजेक्ट है, यह किसी को नहीं मालूम, यह `मेगा वाट लगाने वाला’ (विनाशकारी) प्रोजेक्ट है। छह लाख पेड़ काटते हैं, भीमाशंकर के जंगल को नष्ट करते हैं, तो इसे ग्रीन प्रोजेक्ट कहा ही नहीं जा सकता। आदित्य ठाकरे ने चुनौती दी कि अगर हिम्मत है तो मुख्यमंत्री खुद साय डोंगरी के स्पॉट पर आएं और मीडिया के सामने चर्चा करें।
-मोदी के आने से पहले ३२ हजार पेड़ काटने के आदेश
-कर्जत के वन अधिकारी का तुगलकी फरमान
गुजरात की टोरंट कंपनी के लिए कर्जत-भीमाशंकर के जंगल से लाखों पेड़ों की कटाई होने जा रही है, जिसमें सबसे पहले ३२ हजार ४९० पेड़ों की बलि दी जाएगी। इस परियोजना के भूमिपूजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ३ नवंबर को कर्जत आने वाले हैं।

अन्य समाचार