मुख्यपृष्ठनए समाचार`रुपए को बचाने में भंडार खाली मत कीजिए'

`रुपए को बचाने में भंडार खाली मत कीजिए’

-पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन की चेतावनी
-नियंत्रित गिरावट को स्वाभाविक बताया; तेल से चालू खाते को खतरा

सामना संवाददाता / मुंबई

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि रुपए की किसी खास विनिमय दर को बचाने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से खर्च नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, मुद्रा की सीमित और क्रमिक कमजोरी को अर्थव्यवस्था के झटके को सोखने देना बेहतर हो सकता है। रुपया मंगलवार को लगभग स्थिर रहकर ९५.११५० प्रति डॉलर पर बंद हुआ, लेकिन तेल की ऊंची कीमत, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल का दबाव कायम है। ब्रेंट कच्चा तेल करीब ११७ डॉलर प्रति बैरल है और भारत अपनी लगभग ९० प्रतिशत तेल जरूरत आयात करता है।
पूर्व गवर्नर ने कहा कि मध्यम अवमूल्यन निर्यात को प्रतिस्पर्धी बना सकता है, लेकिन पश्चिम एशिया में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर बड़े हमले तेल आयातक अर्थव्यवस्थाओं के लिए गंभीर जोखिम होंगे। उपलब्ध अनुमानों के मुताबिक, जून के बाद रुपए को सहारा देने में आरबीआई ने बड़ी मात्रा में डॉलर बेचे हैं। आरबीआई अपनी बाजार कार्रवाई का दैनिक विवरण नहीं देता और उसका घोषित लक्ष्य किसी निश्चित दर के बजाय अत्यधिक अस्थिरता रोकना है। असली प्रश्न रुपए का प्रतीकात्मक स्तर नहीं; आयातित महंगाई और भंडार की दीर्घकालीन सुरक्षा है।

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