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मुंबईकरों की जेब पर ट्रैफिक पुलिस का वार…हाई-बीम के नाम पर पेनल्टी की बौछार… पांच महीने में वसूले ८८.५ लाख!

सामना संवाददाता / मुंबई

शहर की सड़कों पर बदहाल गड्ढों और आए दिन लगने वाले लंबे ट्रैरिफ जाम से जूझ रही मुंबईकर जनता पर अब प्रशासन की एक और गाज गिरी है। ऑपरेशन डैजलिंग लाइट के नाम पर मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को निशाना बनाते हुए जमकर जुर्माना वसूला है। १ जून से २६ अक्टूबर के बीच चलाए गए इस पांच महीने के अभियान में ४१ ट्रैफिक डिविजनों के तहत १२,५८५ से अधिक गाड़ियों के चालान काटे गए और करीब ८८.५ लाख रुपए की मोटी रकम वसूली गई।
सुरक्षा का बहाना, जनता की जेब पर डाका
प्रशासन का दावा है कि अतिरिक्त फ्लैशलाइट्स, एलईडी लाइट बार्स और हाई-इंटेंसिटी हेडलाइट्स के कारण आने वाले चालकों की आंखों में चकाचौंध (ग्लेयर) पैदा होती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। लेकिन जनता में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि सड़कों की खस्ताहाली और खराब स्ट्रीट लाइट्स को दुरुस्त करने के बजाए पुलिस का पूरा ध्यान केवल चालान काटने और राजस्व (राजस्व वसूली) इकट्ठा करने पर टिका हुआ है।
मुंबईकरों पर बढ़ता आर्थिक बोझ
रात के समय सड़कों पर अपर्याप्त रोशनी के चलते सुरक्षा कारणों से कई चालक बेहतर हेडलाइट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन ट्रैफिक महकमा नियमों का सख्त हवाला देकर उन पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। विभाग का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और बिना अनुमति वाली लाइटें लगाने पर इसी तरह जुर्माना ठोका जाएगा। बुनियादी इंप्रâास्ट्रक्चर और सड़कों की सुध लिए बिना केवल आम चालकों को दंडित करने की इस कार्यशैली से मुंबई की जनता में गहरा असंतोष व्याप्त है।

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