-करोड़ों के बजट वाली मीरा-भायंदर मनपा की खुद की मुख्यालय इमारत ‘असुरक्षित’
सुरेश गोलानी / मुंबई
जो मीरा-भायंदर महानगरपालिका पूरे शहर की गगनचुंबी इमारतों, मॉल्स और व्यावसायिक परिसरों को अग्निशमन सुरक्षा के कड़े नियम सिखाती है और उन्हें फायर एनओसी जारी करती है, सोमवार सुबह उसी के भायंदर-पश्चिम स्थित मुख्यालय की सुरक्षा की पोल खुल गई। मनपा मुख्यालय की पहली मंजिल पर स्थित स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में सोमवार सुबह करीब ८ बजे अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े करोड़ों रुपये के बजट वाली फाइलों का रिकॉर्ड, महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज और कार्यालयीन सामग्रियां जलकर खाक होने की खबर है। हालांकि, अग्निशमन दल द्वारा समय रहते आग पर काबू पाए जाने से इसे इमारत के अन्य हिस्सों तक पैâलने से रोक लिया गया। गनीमत रही कि सुबह का वक्त होने के कारण कोई कर्मचारी वहां मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
करोड़ों का फायर बजट हुआ ‘धुआं’
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कार्यालय में लगे एयर कंडीशनिंग सिस्टम में शॉर्ट-सर्किट होने के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है। मुख्यालय में आग से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न हाई-टेक अग्निसुरक्षा व्यवस्थाएं मौजूद होने का दावा किया जाता है। ऐसे में अब यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि आग लगने के बाद इन फायर अलार्म और ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम जैसे सुरक्षा उपकरणों ने समय पर काम क्यों नहीं किया या फिर सुरक्षाकर्मियों द्वारा इन व्यवस्थाओं का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया? इस घटना ने मनपा प्रशासन की नीयत और सुरक्षा दावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
छुट्टी के दिन क्यों चालू था एसी?
शहर के जागरूक नागरिकों और राजनीतिक हलकों में यह सवाल तेजी से गूंज रहा है कि यह सिर्फ एक हादसा है या फिर संवेदनशील फाइलों को हमेशा के लिए दफन करने की कोई सोची-समझी साजिश? स्वास्थ्य विभाग हमेशा से ही शहर के बड़े टेंडरों, दवाओं की खरीदी, कोविड काल के खर्चों और अन्य वित्तीय मामलों को लेकर विवादों व चर्चाओं में रहा है। ऐसे में अचानक इस विभाग के केबिन में आग लगना कई तरह के संदेह पैदा कर रहा है। प्रशासन ने हर बार की तरह इस बार भी बहुत आसानी से ‘एसी में शॉर्ट-सर्किट’ का बहाना आगे कर दिया है, लेकिन जानकारों ने प्रशासन की इस थ्योरी की धज्जियां उड़ाते हुए एक बेहद तीखा और तार्किक सवाल खड़ा किया है-जब शनिवार और रविवार को दो दिन मनपा मुख्यालय में आधिकारिक छुट्टी थी और पूरा दफ्तर बंद था, तो स्वास्थ्य विभाग का एयर कंडीशनर चालू क्यों था? इस बारे में जब मनपा आयुक्त राधा बिनोद शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो हर बार की तरह उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया।
क्या ‘विधि विभाग’ था असली निशाना?
इस घटनाक्रम के पीछे की कड़ियां एक बड़ी साजिश की तरफ भी इशारा कर रही हैं। दरअसल, जिस स्वास्थ्य विभाग के केबिन में आग लगी, ठीक उसके बगल में ही मनपा का ‘विधि विभाग’ (लीगल सेल) स्थित है। यह वही विभाग है जहां मनपा द्वारा दाखिल और उसके खिलाफ कोर्ट में चल रहे करोड़ों रुपये के मुकदमे, अवैध निर्माणों की याचिकाएं, भूखंडों से जुड़े भूमि घोटाले और शहर के बड़े बिल्डरों व ठेकेदारों से जुड़े बेहद संवेदनशील मामलों की फाइलें रखी हुई हैं। ऐसे में गलियारों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि क्या स्वास्थ्य विभाग तो सिर्फ एक मोहरा था और असली निशाना बगल में स्थित विधि विभाग की उन फाइलों को स्वाहा करना था, जो कई रसूखदारों की पोल खोल सकती हैं? इस रहस्यमयी आग की उच्च स्तरीय जांच की मांग अब तेज होने लगी है।
