मुख्यपृष्ठनए समाचारकमाल हो गया...!..भाजपा को मैदान खाली दिखा, व्यापारियों को भीड़!

कमाल हो गया…!..भाजपा को मैदान खाली दिखा, व्यापारियों को भीड़!

– भाजपा ने बदला एजेंडा, व्यापारियों को अपडेट करना भूल गई!
– भैया, इधर रैली फ्लॉप, उधर ११ हजार करोड़ स्वाहा! ई कौन-सा सियासी सॉफ्टवेयर बा?
लगता है दिल्ली की राजनीति में इस बार सबसे बड़ी गड़बड़ी भीड़ की नहीं, संदेशों के तालमेल की हो गई! एक तरफ भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुर्सियां गिन रहे थे, दूसरी तरफ व्यापारी संगठन रैली की भीड़ से बर्बादी का हिसाब लगा रहा था! अरे भिया, ई का हो गइल? दोनों का कैलकुलेटर अलग-अलग पार्टी कार्यालय से आया था का?
संबित पात्रा ने दावा किया कि रामलीला मैदान की २८ हजार कुर्सियों में पांच से सात हजार खाली थीं। उधर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने भारी भीड़ की वजह से करीब ढाई लाख दुकानें प्रभावित होने और १० से ११ हजार करोड़ रुपये के कारोबारी नुकसान का दावा कर दिया!
वाह भिया, गजबे हो गइल!
लगता है व्यंग्य की काल्पनिक पटकथा में व्यापारी अभी पुरानी स्क्रिप्ट पढ़ रहे थे, भीड़ आ गई! बाजार बंद हो गए! हम बर्बाद हो गए!
और उधर नई स्क्रिप्ट चल पड़ी, भीड़ आई ही नहीं! मैदान खाली था! रैली फ्लॉप हो गई!
अरे भिया, स्क्रिप्ट बदलने से पहले कलाकारों को अपडेट तो कर देते!
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, रामलीला मैदान में भारी भीड़ थी और लोग बाहर सड़कों तक मौजूद थे। बारिश के कारण कीचड़ और जलभराव वाले एक छोटे हिस्से को अलग किया गया था, जहां करीब २०० से ५०० कुर्सियां थीं।
मगर खाली कुर्सियों की तस्वीरों ने अचानक पूरी राजनीतिक बहस पर कब्जा कर लिया!
भिया, ११ हजार करोड़ रुपये का नुकसान कोई मामूली रकम नहीं। उसका हिसाब, सर्वे और प्रमाण तो सामने आना चाहिए। और यदि रैली सचमुच इतनी छोटी थी, तो उसके नाम पर इतनी बड़ी आर्थिक तबाही का दावा कैसे तैयार हुआ? और इसमें भाजपा की खुद की लोकतंत्र बचाओ रैली के हिस्से कितना गया?
सबसे मजेदार बात यह कि रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूचियों पर उठे सवाल पीछे छूट गए। चर्चा शुरू हो गई कुर्सियों और करोड़ों की!
अरे भिया, लगता है काल्पनिक प्रचार मंडली की मीटिंग में एक जरूरी घोषणा छूट गई, भाइयो, एजेंडा बदल गया है, अब भीड़ नहीं दिखानी है!
ई सियासत सठिया गइल का… कि एक ही रैली में भाजपा को भीड़ गायब दिखी और व्यापारियों को कारोबार गायब!

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