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कुंभारवाड़ा के दुर्गादेवी स्कूल का निजीकरण रोकने में मिली सफलता; ‘मुंबई को भाजपा के हाथों बिकने नहीं देंगे’

मनपा में भाजपा की नीति पर भड़के आदित्य ठाकरे; बोले, मनपा की एक इंच जमीन भी हम विकासकों के हवाले नहीं जाने देंगे।
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई के मनपा स्कूलों की जमीन निजी विकासकों के हवाले किए जाने के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुंबई मनपा स्कूलों की एक इंच जमीन भी हम निजी विकासकों के हवाले नहीं जाने देंगे। हम भाजपा को मुंबई बेचने नहीं देंगे। ऐसे शब्दों में उन्होंने भाजपा को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि मनपा स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर और सामान्य परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए इन स्कूलों का निजीकरण करने के बजाय महानगरपालिका को ही इनके विकास और पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
मनपा के कुंभारवाड़ा स्थित दुर्गादेवी मनपा स्कूल के निजीकरण का फैसला रद्द कर दिया गया है। इस पर बोलते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि इस स्कूल को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत एक निजी संस्था के हवाले करने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि, स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और शिवसेना की नगरसेविका संपदा मयेकर के विरोध तथा आंदोलन के चलते प्रशासन को निविदा प्रक्रिया स्थगित कर निजी संस्था को स्कूल सौंपने का पैâसला वापस लेना पड़ा।
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट साझा कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जून २०२६ से नगरसेविका संपदा मयेकर स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों के अभिभावकों को साथ लेकर इस फैसले के खिलाफ संघर्ष कर रही थीं। इस आंदोलन को लगातार समर्थन दिया गया और प्रशासन के समक्ष इस मुद्दे को मजबूती से उठाया गया। आखिरकार प्रशासन को निजी संस्था को स्कूल सौंपने की प्रक्रिया रोकनी पड़ी।

आदित्य ठाकरे ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि दुर्गादेवी मनपा स्कूल की निविदा प्रक्रिया स्थगित करने के साथ ही उसके निजीकरण की पीपीपी नीति भी रद्द कर दी गई है। हालांकि उन्होंने मांग की है कि स्कूल का पुनर्निर्माण मुंबई मनपा द्वारा ही कराया जाए।

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