मुख्यपृष्ठसमाचारमहायुति सरकार के दबाव में फंसाने की साजिश?

महायुति सरकार के दबाव में फंसाने की साजिश?

-अशोक खरात का भंडाफोड़
करने वाला पत्रकार ही अब घेरे में!
सामना संवाददाता / मुंबई
जिस पत्रकार ने चर्चित अशोक खरात प्रकरण को सामने लाकर सत्ता और प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े किए थे, अब वही पत्रकार खुद गंभीर आरोपों के घेरे में है। दत्तात्रय खेमनार के खिलाफ महिला ग्राम विकास अधिकारी से कथित तौर पर एक लाख रुपये की मांग, धमकी, सरकारी काम में बाधा और अत्याचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। उधर खेमनार के परिवार ने पूरे प्रकरण को साजिश बताते हुए निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। परिवार का आरोप है कि जिस पत्रकार ने अशोक खरात प्रकरण को उजागर किया, उसे ही अब मामले में फंसाकर मूल प्रकरण से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।
दत्तात्रय खेमनार पहले अशोक खरात से जुड़े प्रकरण को सामने लाने के कारण चर्चा में आए थे। अब अचानक उन्हीं पर गंभीर आरोपों में मामला दर्ज होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। परिवार का दावा है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच किए बिना पत्रकार को दोषी मान लेना उचित नहीं होगा।
विपक्षी हलकों में भी यह सवाल उठाया जा रहा है कि यदि खेमनार के खिलाफ आरोप गंभीर हैं तो जांच पूरी पारदर्शिता से होनी चाहिए, लेकिन साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि क्या इस कार्रवाई का इस्तेमाल अशोक खरात प्रकरण को कमजोर करने के लिए तो नहीं किया जा रहा? यह सरकार पत्रकार को फंसाओ और मूल मुद्दे से ध्यान हटाओ? के इरादे से काम कर रही है क्या?

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