-भीड़ में घुसी कार, ४ घायल प्रभादेवी की घटना ने खोली इंतजामों की पोल
सामना संवाददाता / मुंबई
गणपति बाप्पा की विदाई के बीच मुंबई के प्रभादेवी इलाके में हुई एक घटना ने विसर्जन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार को ‘केजी मार्गचा राजा’ की विसर्जन यात्रा के दौरान एक कार ने चार लोगों को कथित तौर पर टक्कर मार दी। पुलिस के मुताबिक, चारों को मामूली चोटें आईं। दो घायलों को केईएम अस्पताल और दो को निजी अस्पताल ले जाया गया। २१ वर्षीय चालक को पुलिस ने हिरासत में लेकर मेडिकल जांच कराई और मामले में एफआईआर की प्रक्रिया शुरू की।
जुलूस और वाहनों के बीच सुरक्षा दीवार कहां थी?
गणेश विसर्जन के दौरान सड़कें श्रद्धालुओं से भर जाती हैं। ऐसे संवेदनशील मार्ग पर पैदल श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को अलग रखना सुरक्षा व्यवस्था की बुनियादी जरूरत है। अगर कोई कार जुलूस तक पहुंच जाती है और लोग घायल होते हैं तो सिर्फ चालक पर कार्रवाई से मामला खत्म नहीं होना चाहिए। यह भी जांच का विषय है कि वाहन वहां तक कैसे पहुंचा और उस समय तैनात पुलिस तथा ट्रैफिक व्यवस्था ने उसे पहले क्यों नहीं रोका।
२४ हजार पुलिसकर्मी, फिर भी कार कैसे पहुंची?
यह सवाल इसलिए गंभीर है क्योंकि अनंत चतुर्दशी के लिए मुंबई में २४ हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। प्रमुख विसर्जन मार्गों पर ट्रैफिक प्रतिबंध, डायवर्जन और सुरक्षा इंतजाम भी किए गए थे। ऐसे में प्रभादेवी में जुलूस के बीच कार पहुंचने की घटना प्रशासन से सीधा सवाल पूछती है कि क्या सुरक्षा घेरा सिर्फ कागजों पर मजबूत था या जमीन पर भी उतना ही प्रभावी था?
