सूखे से त्रस्त महाराष्ट्र में बढ़ रहा असंतोष, सभा हुई तो फूट सकता है जनता का गुस्सा
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश की कमी ने खेती और किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। ऐसे में राज्य की जनता का महायुति सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसे देखते हुए सत्ताधारी शिंदे गुट अपनी दशहरा सभा को टालने पर विचार कर रहा है। किसानों और जनता की भावनाओं को देखते हुए शिंदे गुट पीछे हटता दिखाई दे रहा है। गुट को इस बात का डर है कि यदि आपदा की इस स्थिति में दशहरा सभा आयोजित की गई तो लोगों का गुस्सा उसके खिलाफ बढ़ सकता है।
लोगों की नाराजगी और आक्रोश को देखते हुए एकनाथ शिंदे गुट इस वर्ष दशहरा सभा टाल सकता है। इस बारे में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि सरकार किसानों को बेसहारा नहीं छोड़ेगी और उनकी दिवाली काली नहीं होने देगी। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री और मंत्री किसानों के खेतों तक पहुंचे, नुकसान का जायजा लिया और किसानों की मांग के बाद सूखा घोषित किया गया।
