बिहार के मोतिहारी में एक डॉक्टर की लापरवाही की वजह से मरीज की जान चली गई। आरोप है कि एक बड़े निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने चंद पैसों के लालच में गलत ऑपरेशन कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों से लाखों रुपए ऐंठने और शव छिपाने तक का घिनौना खेल खेला गया। इस घटना से पूरे शहर में आक्रोश है और अस्पताल के खिलाफ भारी विरोध शुरू हो गया है। घटना के बाद मृतक के परिजनों और दर्जनों पार्षदों ने अस्पताल के बाहर धरना भी शुरू कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर तबरेज जानबूझकर पैसों के लालच में परवेज की हत्या कर फरार हो गया। वहीं, एक अन्य मरीज के परिजन बिक्की कुमार ने भी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वहां गलत ढंग से ऑपरेशन कर मरीजों की जान खतरे में डाली जाती है। और शव को छिपाकर मरीज के परिजनों ने पैसे वसुले जाते हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन के बाद परिजनों को मरीज से मिलने नहीं दिया गया। रात नौ बजे जब परिजन आईसीयू में गए, तो पाया कि परवेज का शव ऑपरेशन थिएटर में पड़ा है। डॉक्टर और स्टाफ वहां नहीं थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने पैसों के लालच में जानबूझकर ऑपरेशन कर युवक की जान ली और फरार हो गया।
परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और जमकर हंगामा किया। मौके पर सदर डीएसपी दिलीप कुमार और अन्य थानों की पुलिस पहुंची। उन्होंने पोस्टमार्टम और मामले की गहन जांच के आदेश दिए। मृतक के साले और अन्य परिजन अस्पताल में धरने पर बैठे हुए हैं और डॉक्टर व अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
