राजेश सरकार / प्रयागराज
लोक परंपराओं की सुगंध, संगीत के मधुर स्वरों और नृत्य की मनमोहक छटा से रविवार की शाम प्रयाग संगीत समिति का मेहता प्रेक्षागृह सराबोर हो उठा। विश्व संगीत दिवस के अवसर पर शिव शक्ति फाउंडेशन के तत्वावधान में लोक-संस्कृति आधारित भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें शहर की प्रतिभाओं ने अपनी प्रस्तुतियों से भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्ध विरासत को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी प्रयागराज की धर्मपत्नी डॉ. अंकिता राज की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने कलाकारों और छात्र-छात्राओं की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि संगीत और कला हमारी सांस्कृतिक पहचान को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर डीपीओ प्रयागराज सर्वजीत सिंह, प्रयाग संगीत समिति के सचिव श्री अरुण, राजकीय बाल शिशु गृह की अधीक्षक डॉ. प्रज्ञा सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुरूप हुआ। राजकीय बाल शिशु गृह के बच्चों ने श्री सूरज के निर्देशन में भावपूर्ण ईश्वर वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। इसके बाद पूर्वांचल की लोक विधाओं चैती और कजरी की मधुर प्रस्तुतियों ने दर्शकों को अपनी मिट्टी की खुशबू का अहसास कराया।
व्यंजना आर्ट एंड कल्चरल सोसायटी की ओर से शांभवी शुक्ला के निर्देशन में प्रस्तुत कथक नृत्य “जय-जय जननी” और मीरा के भजनों पर आधारित नृत्य प्रस्तुति ने भारतीय शास्त्रीय कला की सुंदरता को मंच पर उतार दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
‘शुरुआत’ संस्था के अंतर्गत श्री अभिषेक शुक्ला के निर्देशन में कार्यशाला से तैयार हुए बच्चों ने भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुतियों ने साबित किया कि सही मार्गदर्शन मिलने पर नन्हीं प्रतिभाएँ भी संस्कृति की मशाल को आगे ले जा सकती हैं।
लोक गायिका मोहिनी श्रीवास्तव ने अपनी सुरीली आवाज़ में “तोहरो बालम कप्तान हो” प्रस्तुत कर लोक संगीत की मिठास घोल दी। वहीं, शुभ्रा मालवीय की भावपूर्ण प्रस्तुति “राम जी से पूछे जनकपुर की नारी” ने श्रोताओं को भक्ति और भावनाओं से जोड़ दिया। सरस्वती संगीतालय के निदेशक श्री चंद्रकांत मालवीय के निर्देशन में छात्र-छात्राओं ने भी संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
कार्यक्रम का संचालन प्रियांशु श्रीवास्तव एवं श्वेता श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर संस्था के निदेशक श्लोक रंजन श्रीवास्तव, अलीशा फिलिप्स, सविनय श्रीवास्तव, ‘शुरुआत’ संस्था के निदेशक अभिषेक शुक्ला, मिथिलेश राही सहित शिव शक्ति फाउंडेशन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
समापन अवसर पर संस्था की संरक्षिका डॉ. मधु रानी शुक्ला ने सभी अतिथियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। संयोजक अमित श्रीवास्तव ने कलाकारों, प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए कहा कि शिव शक्ति फाउंडेशन का उद्देश्य छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर भारतीय कला एवं संस्कृति की धरोहर को आगे बढ़ाना है।
