– कैबिनेट में मांझी का बेटा तो कुशवाह का लाडला भी शामिल
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
`सबका साथ, सबका विकास’ का नारा देनेवाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सभी चुनावी भाषणों में विपक्ष पर परिवारवाद का आरोप लगाते रहे हैं। लेकिन अब तो एनडीए की सरकार में भी भाई-भतीजावाद देखने को मिला। बिहार में नई सरकार में नेता जी के बेटा,बेटी और भाई की मंत्री बने हैं।
बिहार की नई वैâबिनेट ने साबित कर दिया है कि सत्ता के गलियारों में खून के रिश्तों की अहमियत मेहनत और काम करने वाले कार्यकर्ता और नेताओं से ज्यादा होती है। पीएम मोदी कई बार कह चुके हैं कि `परिवारवाद खत्म होना चाहिए। लेकिन बिहार की नई वैâबिनेट में तो अधिकतर मंत्रीपद नेताओं के बच्चों को दिया गया।
बिहार में नई एनडीए सरकार बन गई है। जनता दल के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में हुए शपथ ग्रहण समारोह में १०वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। राज्यपाल मोहम्मद आरिफ खान ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। नीतीश कुमार के साथ उनकी नई वैâबिनेट के २६ मंत्रियों ने भी शपथ ली। इसमें भाजपा के १४ और जेडीयू कोटे से ८ मंत्री शामिल हैं। २६ नए मंत्रियों में एक मुस्लिम और तीन महिलाएं शामिल हैं। पहली बार मंत्री बने तीन एमएलए भी मंत्री बने हैं। इसमें नेताओं के बेटे-बेटियों को वैâबिनेट में शामिल किया गया। बिहार की नई एनडीए सरकार में भाई-भतीजावाद देखने को मिला।

नीतीश का दोगलापन उजागर
सीएम नीतीश कुमार कभी लालू यादव की बुराई करते थे, `की उ कोनो कुछो किया, अपने हटा त अपन पत्निये को मुख्यमंत्री बनाया, अब बेटा को बनाना चाहते हैं, वहीं अब, नीतीश कुमार को उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश और जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन जैसे `लिगेसी-बियरर्स’ के साथ बैठना पड़ रहा है।
`बिहार की नई सरकार में नेपोटिज्म’ : विपक्ष
अब पॉलिटिक्स में भी `नेपोटिज्म’ देखने को मिल रहा है। नेपोटिज्म पर चुनाव में बहसें तो बहुत होती हैं और विपक्ष पर तीखे हमले भी होते हैं, लेकिन जब टिकट बांटने और मिनिस्ट्री बांटने की बात आती है, तो सारे उसूल हवा में उड़ जाते हैं। आज भी, पार्टी वर्कर सोच रहे होंगे कि क्या उन्होंने इसके लिए इतनी मेहनत की थी। लेकिन यह साफ हो गया है कि पार्टी वर्कर का काम सिर्फ झंडा उठाने का है, ताकि उनके नेताओं का बेटा या बेटी एमएलएम या मिनिस्टर बनने का `पुण्य’ कमा सके। बिहार की यह नई सरकार नेपोटिज्म का एक सबसे बड़ा उदाहरण बन गई है। बिहार की नई वैâबिनेट में भाई-भतीजावाद को देख विपक्ष ने एनडीए सरकार पर जोरदार हमला बोला है।
