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जूस में मूत्र के बाद नाले के पानी में केले धोने का वीडियो वायरल, सावन में आस्था से खिलवाड़ को लेकर लोगों में गुस्सा!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

गाजियाबाद स्थित लोनी इलाके से एक और हैरान और परेशान कर देने वाला मामला सामने आया है। बुधवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें प्रशांत विहार कॉलोनी स्थित एक नाले के बेहद गंदे और दूषित पानी में केले धोए जा रहे हैं। इस घटना ने सावन के पवित्र माह में लोगों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है, जिसके बाद स्थानीय निवासियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक युवक केले के गुच्छों को नाले के काले और दूषित पानी में बार-बार डुबो रहा है और बाहर निकाल रहा है। उसके पास खड़े दो अन्य युवक उन गंदे पानी से निकाले गए केलों को क्रेट (प्लास्टिक की टोकरियों) में भरते हुए नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये कर्मचारी इन दूषित केलों को आवासीय क्षेत्र में बने अपने कोल्ड स्टोरेज (गोदाम) में ले जाकर स्टोर करते हैं और फिर बेखौफ होकर इन्हें बाजार में ग्राहकों को बेचते हैं।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही लोनी इलाके में जूस में मानव मूत्र (पेशाब) मिलाकर बेचने का घिनौना मामला सामने आया था। अब इस नई घटना ने लोगों का गुस्सा आसमान पर पहुंचा दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सावन के इस पवित्र महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और फलाहार के रूप में केले का सेवन करते हैं। ऐसे में दूषित पानी में फल धोना न सिर्फ लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि सनातन धर्म की आस्था को चोट पहुंचाने की एक सोची-समझी साजिश है।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह कृत्य ‘जिहादी मानसिकता’ वाले लोगों द्वारा जानबूझकर किया जा रहा है। उन्होंने आवासीय इलाके में अवैध रूप से चल रहे इस कोल्ड स्टोरेज की गहन जांच की मांग उठाई है।
मामले के तूल पकड़ने और पुलिस में शिकायत होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। इस पूरे प्रकरण पर एसीपी लोनी रामकिशन ने बयान जारी करते हुए कहा है कि नाले के पानी में केले धोने का यह मामला हमारे संज्ञान में आया है। पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग को पत्र लिखा है, ताकि वे इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करें और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल, पुलिस और खाद्य विभाग की टीम इस वायरल वीडियो की सत्यता और गोदाम के मालिकों की जांच में जुट गई है।”

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