-दहेगांव गोवारी कोल खदान को लेकर १० गांवों का कड़ा विरोध
-परियोजना को लेकर जनसुनवाई में दर्ज कराया कड़ा विरोध
सुनील ओसवाल / मुंबई
नागपुर जिले के दहेगांव गोवारी क्षेत्र में अडानी समूह की अंबुजा सीमेंट लिमिटेड कंपनी को दी जा रही भूमिगत कोयला खदान को लेकर स्थानीय नागरिकों और ग्राम पंचायतों का तीव्र विरोध जारी है। प्रभावित क्षेत्र के दस गांवों के नागरिकों ने इस परियोजना के विरुद्ध जनसुनवाई में कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) को ग्राम पंचायत की ओर से की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अडानी समूह को यह खदान देने में शासकीय यंत्रणा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहायता कर रही है। दो दिन पूर्व आयोजित पर्यावरणीय जनसुनवाई के दौरान स्थानीय नागरिकों ने सुनवाई स्थल पर विरोध प्रदर्शन करते हुए पूरी प्रक्रिया को विफल कर दिया। जनसुनवाई से पूर्व गट ग्राम पंचायत गोंडखैरी-तोंडाखैरी (बेल्लोरी) द्वारा नागपुर के जिलाधिकारी, एमपीसीबी के उप प्रादेशिक अधिकारी, केंद्रीय भूजल बोर्ड, प्रादेशिक पर्यावरण कार्यालय, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय आदि विभागों से परियोजना से संबंधित दस्तावेज मांगे गए थे। परंतु किसी भी विभाग ने मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई।
ग्राम पंचायत के आरोपों के अनुसार, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के कार्यालय में सरपंच को बैठने तक नहीं दिया गया और उनका आवेदन भी स्वीकार नहीं किया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकारी तंत्र अडानी समूह के पक्ष में झुक गया है और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अनदेखी की जा रही है।
स्थानीय नागरिकों की मांगें
परियोजना को तत्काल रद्द किया जाए।
सभी संबंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाए।
ग्राम पंचायत और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
पर्यावरणीय प्रभावों का स्वतंत्र मूल्यांकन कराया जाए।
नहीं ली गई एनओसी
जिस वलनी ग्राम पंचायत क्षेत्र में जनसुनवाई आयोजित की गई, वहां की पंचायत से एनओसी भी नहीं लिया गया था, ऐसा आरोप गोंडखैरी-तोंडाखैरी ग्राम पंचायत ने लगाया है। सूत्रों के मुताबिक, जब ग्राम पंचायत सरपंच केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय पहुंचे तो उन्हें वहां बैठने तक नहीं दिया गया और उनका आवेदन भी नहीं स्वीकारा गया। सबसे हैरानी की बात यह है कि जहां जनसुनवाई करवाई गई उस वलनी ग्राम पंचायत से एनओसी तक नहीं लिया गया।
