मुख्यपृष्ठस्तंभजम्मू-कश्मीर में NIA की बड़ी कार्रवाई...टेरर नेटवर्क और जमात-ए-इस्लामी पर कसा शिकंजा

जम्मू-कश्मीर में NIA की बड़ी कार्रवाई…टेरर नेटवर्क और जमात-ए-इस्लामी पर कसा शिकंजा

एम एम एस

जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद और टेरर फंडिंग के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए (NIA) राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सोमवार को श्रीनगर और शोपियां जिलों में एक बार फिर बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों के सहयोग से अलसुबह शुरू हुई इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद के मददगार ओवरग्राउंड वर्करों (OGWs) और संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम कसना है।
इस कार्रवाई के तहत एनआईए की टीमों ने शोपियां स्थित दारुल उलूम सिराजुल उलूम में सघन तलाशी ली, जिसे महज एक महीने पहले ही अवैध संस्था घोषित किया गया था। यह संस्थान युवाओं को धार्मिक और औपचारिक शिक्षा देने की आड़ में कट्टरपंथी बनाने के शक के घेरे में है। इसके अतिरिक्त प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (JeI) के पूर्व प्रमुख शहजादा औरंगजेब के रिहायशी परिसर और श्रीनगर के कई संदिग्ध ठिकानों को भी खंगाला गया, जिससे आतंकी नेटवर्क और उनके हमदर्दों में खलबली मच गई है।
अहम सुराग और दस्तावेज बरामद
खुफिया इनपुट के आधार पर की गई इस छापेमारी में एनआईए को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संदिग्ध सामग्रियां हाथ लगी हैं। एजेंसी इन सबूतों की गहनता से जांच कर रही है, जिससे टेरर फंडिंग से जुड़े कई सफेदपोश चेहरों के बेनकाब होने की उम्मीद है।
लगातार जारी है प्रहार
घाटी में आतंकियों के मददगारों के खिलाफ यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले मार्च, जून व सितंबर २०२५ और हाल ही में जनवरी व अप्रैल २०२६ में भी शोपियां, अनंतनाग और बारामूला जैसे इलाकों में बड़े ऑपरेशन चलाकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए थे। गौरतलब है कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ काम करने के कारण केंद्र सरकार ने जमात-ए-इस्लामी पर फरवरी २०२४ में ळAझ्A के तहत लगे प्रतिबंध को अगले ५ साल के लिए बढ़ा दिया था।

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