सुरक्षा के लिए चुनौती बनीं खटारा गाड़ियां
सुरेश गोलानी / मुंबई
मीरा रोड के हाटकेश इलाके में स्थित प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज (जूनियर डिविजन) न्यायालय इमारत के पास सड़क पर पड़ी लावारिस और बिना नंबर प्लेट वाली खटारा गाड़ियां सुरक्षा की दृष्टि से खतरे का कारण बनी हुई हैं। इसके साथ ही ये खटारा वाहन यातायात में बाधा, असामाजिक गतिविधियों की शरणस्थली व मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन चुके हैं। ऐसे में लोगों का कहना है कि प्रशासन की ‘ऑपरेशन खटारा’ ठंडे बस्ते में चले जाने के चलते कोर्ट की सुरक्षा भी राम भरोसे चल रही है।
बता दें कि कोर्ट परिसर में कई गैराजवाले भी हैं, जो मुख्य सड़क पर मरम्मत करते हैं, जिससे यातायात पर न सिर्फ बुरा असर पड़ता है, बल्कि फुटपाथों पर स्पेयर ऑटो पार्ट्स के बिखरने से पैदल यात्री सड़कों पर उतरकर चलने को मजबूर हो जाते हैं। अगर कोई गाड़ी लावारिस पाई जाती है तो पुलिस और मनपा प्रशासन उसे जब्त कर सकती है और मालिक का पता लगाकर उसे हटाने के लिए नोटिस जारी कर सकती है।
‘ऑपरेशन खटारा’ ठंडे बस्ते में
ज्ञात हो कि इन खतरों को देखते हुए मीरा-भायंदर महानगरपालिका ने तीन वर्ष पहले शहर में लावारिस वाहनों को हटाने के लिए ‘ऑपरेशन खटारा’ नामक अभियान चलाया था, जिसके तहत मालिक को नोटिस देना, वाहन टो करना और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने जैसी कार्रवाई शामिल थी। लेकिन कुछ ही महीनों में ऑपरेशन खटारा को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
